पुलिस जांच में जुट गई और आरोपी युवक की तलाश करने लगी। इधर, पांच अगस्त को महिला ने शपथपत्र बनवाकर डीआईजी से मिलकर बताया की उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। लिहाजा केस दर्ज न किया जाए। महिला ने आईजीआरस भी किया।
महिला का आरोप है कि शपथपत्र देने के बाद भी स्थानीय पुलिस सुन नहीं रही है। उसने बताया कि रविवार को एक दरोगा ने फोन कर बताया कि केस हो गया है। आकर बयान दर्ज कराओ और मेडिकल जांच कराओ, लेकि, वह थाने नहीं गई। वह रविवार को महिला पुलिस ऑफिस एसएसपी से मिलने आई थी, लेकिन छुट्टी के नाते मुलाकात नहीं हो सकी।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर-लखनऊ वंदेभारत ट्रेन पर फिर फेंका पत्थर, कोच सी 2 का शीशा चटका; केस दर्ज
महिला का कहना है कि उसके साथ यह घटना नहीं हुई है। पति से कहासुनी हुई तो उन्होंने पुलिस बुला लिया। बाद में थाने पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा कर तहरीर दे दी, जिसमें दुष्कर्म करने, मारपीट व जाति सूचक शब्द बोलने का आरोप लगाया गया है।