फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: भ्रष्टाचार व अपराध पर कोर्ट सख्त, तीन मामलों में सुनाई सजा

Fri, 23 Sep 2022 05:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियाबाद बाराबंकी के तत्कालीन चिकित्साधिकारी हरिनाथ तिवारी व तत्कालीन चिकित्साधिकारी तृतीय ओपी बहुखंडी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
court news - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर की अलग-अलग कोर्ट ने बृहस्पतिवार चेक बाउंस, सरकारी धनराशि हड़पने और हत्या के प्रयास के मामलों में सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियाबाद बाराबंकी के तत्कालीन चिकित्साधिकारी हरिनाथ तिवारी व तत्कालीन चिकित्साधिकारी तृतीय ओपी बहुखंडी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


चेक बाउंस होने पर दो साल की साज, दो लाख रुपये जुर्माना लगाया
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चंद्रा ने चेक बाउंस का आरोप सिद्ध पाए जाने पर  सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम विकौरा निवासी संजय चौरसिया को दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।  कोर्ट में सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम नरौली निवासी परिवादी मिथिलेश नारायण पांडेय की ओर से मनोज कुमार सिंह एडवोकेट का कहना था कि संजय चौरसिया ने व्यापार में घाटा होने का हवाला देकर 1.50 लाख रुपये की मदद मांगी थी।

इसे भी पढ़ें: मनरेगा में मुर्दे को मिला रोजगार, 52 दिन की मजदूरी का हुआ भुगतान
विज्ञापन


मिथिलेश ने उस पर विश्वास किया और अपने बैंक खाते से 26 जनवरी 2019 को रुपये निकालकर उसे दे दिया। संजय ने दो महीने में रुपये वापस करने का भरोसा दिया था, जो नहीं हो सका। मिथिलेश ने बार-बार रुपये वापस मांगे। इस पर 25 नवंबर 2019 को संजय ने 1.50 लाख रुपये का चेक दे दिया। इस चेक को भुगतान के लिए बैक में लगाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। 26 नवंबर 2019 को मिथिलेश जब बैंक गए तो  उन्हें धनराशि भुगतान पर रोक है, कहकर वापस कर दिया गया।

विज्ञापन

सरकारी धनराशि हड़पने में दो चिकित्साधिकारियों को तीन साल की सजा

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने बृहस्पतिवार को सरकारी धनराशि के गबन का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियाबाद बाराबंकी के तत्कालीन चिकित्साधिकारी हरिनाथ तिवारी व तत्कालीन चिकित्साधिकारी तृतीय ओपी बहुखंडी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। 2001 रुपये हड़पने का यह मामला 35 वर्षों से चल रहा था।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि 19 व 20 जनवरी 1987 को अभियुक्तों ने 11 पुरुषों की नसबंदी के भुगतान वाउचर को गायब कर दिया था। इसके पीछे का मकसद  साक्ष्य समाप्त करना था। अभियुक्तों ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग किया। साथ ही 11 नसबंदी से संबंधित फर्जी अभिलेख तैयार किए और 2001 रुपये हड़प लिए । 35 वर्ष पुराने मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने की और साक्ष्यों के आधार पर दोनों तत्कालीन चिकित्साधिकारियों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

हत्या के प्रयास में दो महिला सहित चार लोगों को सात साल की सजा
अपर सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्र ने  हत्या के प्रयास का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर शाहपुर थाना क्षेत्र के नया टोला रामजानकी नगर निवासी बदरी चौधरी, सुरेश, अमलावती देवी व महाराजगंज जिले के श्याम देउरवा थाना क्षेत्र की बंसवार निवासी लालती देवी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। चार हजार नौ सौ रुपये जुर्माना भी लगाया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता का कहना था कि 20 अप्रैल 2005 की रात लगभग 9 बजे वादी परिवार के साथ घर पर मौजूद था। पड़ोसी तेज आवाज में अपने घर पर गाना बजा रहा था। इस पर बेटे शैलेंद्र कुमार ने तेज आवाज में गाना बजाने से मना किया। इससे नाराज होकर बदरी, सुरेश, अमलावती व लालती ने हमला बोल दिया। चाकू, रॉड से शैलेंद्र कुमार को पीटा। घर के अंदर से खींचकर बाहर ले गए। इस घटना में शैलेंद्र को गंभीर चोटें आईं थीं।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें