कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं नजर आ रहा है कि महिला की मां और रवि किशन के बीच कोई पारिवारिक संबंध रहा हो। 23 जुलाई 2024 को मामले की अगली सुनवाई होगी।
गोरखपुर से भाजपा सांसद एवं उम्मीदवार रवि किशन शुक्ला को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुंबई की दिंडोशी सत्र अदालत ने शिनोवा शुक्ला की ओर से रवि किशन पर उसके जैविक पिता होने के आरोप संबंधी अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं नजर आ रहा है कि महिला की मां और रवि किशन के बीच कोई पारिवारिक संबंध रहा हो। अब इस मामले में कोर्ट ने 23 जुलाई 2024 को सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर की है।
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लखनऊ में मीडिया के सामने शिनोवा की मां अपर्णा ठाकुर ने भी खुद को रवि किशन की पत्नी और शिनोवा को बेटी बताया था। इस मामले में सांसद ने लखनऊ में अपर्णा पर मानहानि का केस दर्ज कराया है। इस मामले में शिनोवा ने कोर्ट से पितृत्व परीक्षण कराने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि रवि किशन ही उनके जैविक पिता हैं।
रवि किशन के प्रतिनिधि पवन दुबे ने बताया कि 26 अप्रैल को मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत ने 25 वर्षीय शिनोवा शुक्ला की डीएनए टेस्ट वाली याचिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह सांसद को बदनाम करने की साजिश थी।