यह वायरस, खांसी, छींक, श्वास और छूने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
इस वायरस से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करें।
लोगों से हाथ न मिलाएं और गले भी न मिलें। 5 फीट की दूरी से बात करें।
अपने आसपास और घर की सफाई रखें।
कपड़ों को अच्छी तरह से धोएं और कम से कम दो घंटे धूप में सुखाएं।
हर 15 मिनट में कम से कम एक घूंट गुनगुना पानी पीते रहें।
अपने हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक रगड़कर साबुन से धोएं।
गंदे हाथों से अपनी नाक और मुंह को न छुएं और न ही गंदे हाथों से कुछ खाएं।
आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, बर्फ, बाजार की लस्सी, ठंडी छाछ और अन्य ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचें।
बाजार में मिलने वाले दूध से बने उत्पाद जैसे चीज, बटर, मायोनीज का सेवन न करें।
नमक के गर्म/गुनगुने पानी से गरारे करें, इससे वायरस फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाएगा।
रोजाना तुलसी, लौंग, अदरक और हल्दी का गर्म दूध पिएं।
गर्म स्थान पर रहें क्योंकि यह वायरस 27 डिग्री तापमान पर मर जाता है।
कपूर, लौंग, इलाइची और जावित्री को पीसकर अपने साथ रखें और समय-समय पर उसे सूंघते रहें।
विटामिन-सी युक्त फलों जैसे संतरे, मौसमी और आंवला खाएं। नींबू का इस्तेमाल भी जरूर करें।
सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
प्रतिदिन प्राणायाम और सूर्य नमस्कार करें। इससे श्ववसन तंत्र और फेफड़े मजबूत होंगे।
सर्दी, खांसी, कफ, बुखार होने वाले व्यक्ति को डॉक्टर के पास तुरंत जाने की सलाह दें।
शाकाहारी और हमेशा ताजा भोजन खाएं। मांसाहार के सेवन से बचें।
फ्रीज में रखी ठंडी वस्तुओं का सेवन बिल्कुल न करें।