कोरोना के इलाज के लिए लेवल टू व थ्री अस्पतालों की कमी से जूझ रहे शहर को बुधवार को काफी हद तक राहत मिली। पनेशिया अस्पताल में एल-टू और एल थ्री सुविधा का उद्घाटन डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने किया। इसका संचालन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की देखरेख में होगा।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लेवल टू व थ्री अस्पताल में बेड फुल होने के बाद लेवल टू के रूप में कुछ निजी व सरकारी अस्पतालों को चिह्नित किया गया। लेकिन लेवल थ्री की सुविधा बीआडी को छोड़कर कही नहीं थी। ऐसे में पनेशिया में 50 बेड का लेवल टू व 15 बेड का लेवल थ्री अस्पताल बनाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे 100 बेड किया जा सकेगा।
बंदियों को जेल भेजने से पहले होगी कोरोना जांच
इस अस्पताल में लेवल टू के मरीजों को प्रतिदिन आठ हजार व लेवल थ्री के मरीजों को 13 हजार रुपये शुल्क देना होगा। बताया जा रहा है कि पहले दिन 12 मरीज भर्ती हुए हैं। उधर, उद्घाटन के मौके पर आइएमए के अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक, सचिव डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. एके मल्ल, सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी, एसीएमओ डॉ. नीरज पांडेय, डॉ. आरपी त्रिपाठी, डॉ. एपी गुप्ता, डॉ. डीके सिंह, डॉ. वाई. सिंह, डॉ. बीबी गुप्ता, डॉ. महेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
अब किसी भी आरोपित को गिरफ्तार करने के बाद उसके मेडिकल के साथ ही पुलिस एंटीजन किट से कोरोना जांच कराएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे एल वन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराएगी। ठीक होने पर ही उसे मुख्य जेल भेजा जाएगा। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसे अस्थायी जेल में भेजकर चौदह दिन क्वारंटीन किया जाएगा। चौदह दिन बाद बंदी को मुख्य जेल में रखा जाएगा।