पहले का दौर वह था कि जब अफसरों से जान पहचान होने पर लोग अपने दोस्त के घर भी शादी पड़ने पर कार्ड देने पहुंच जाते थे। इतना ही नहीं अफसर से अनुरोध भी करते थे कि शादी में जरूर आइएगा। मगर अब लोगों के पहुंचने की संख्या निर्धारित होने के बाद दिखावा का यह रस्म भी बंद सा हो गया है। अब वास्तव में वहीं लोग अफसरों से आग्रह कर रहे हैं जिनकी गहरी दोस्ती है, नहीं तो वह किनारा ही कर ले रहे हैं।
केस एक
गुलरिहा इलाके के अरुण को महराजगंज की एक शादी का निमंत्रण मिला। 14 जून को होने वाली इस शादी का निमंत्रण देने वाले ने यह भी बताया कि आप 50 की सूची में शामिल हैं, आइएगा जरूर। वहीं अरुण को भी यह लग रहा है कि वास्तव में वह उनके करीबी हैं और शादी में जाने की तैयारी कर लिए।
केस दो
फुलवरिया निवासी जनार्दन सिंह को राजीवनगर की शादी में शामिल होने का निमंत्रण मिला। 19 जून को होने वाली शादी में उनके पूरे परिवार को बुलाया गया है। बताया गया कि परिवार के सभी लोग यानी तीन के हिसाब से निमंत्रण दिए हैं, सबको आना है। कोई बहाना नहीं चलेगा।