बीआरडी के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि आमतौर पर सामान्य व्यक्ति सात लीटर ऑक्सीजन हर मिनट लेता है। जब वह संक्रमित होता है तो फेफड़े पूरी तरह काम नहीं करते। ऐसे में एचएफओ संजीवनी बनती है। वह ह्यूमेडिफायर के जरिए 60 लीटर प्रति मिनट की स्पीड से शुद्ध ऑक्सीजन फेफड़ों को उपलब्ध कराती है।
बीआरडी ने मांगी 15 और मशीन
डॉ. राजकिशोर ने बताया कि एचएफओ देश में चुनिंदा संस्थानों के पास ही उपलब्ध है। बीआरडी के पास चार एचएफओ है। इसे कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने मंगवाया है। अब 15 और एचएफओ की मांग की गई है।