फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना पर वार: 76 बूथ पर 18917 लोगों को लगा कोविड का टीका, दिनभर लगी रही कतारें

Mon, 19 Jul 2021 09:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

15 दिनों से वैक्सीन के की कमी के कारण 30 से 35 बूथ ही औसतन बनाए जा रहे थे। इसकी वजह से टीका लगवाने वालों की संख्या में कमी आ रही थी।
विज्ञापन
कोरोना टीकाकरण। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर में कोविड टीकाकरण की रफ्तार में सोमवार को एक बार फिर तेजी आई है। पिछले 15 दिनों के बाद वैक्सीन वैक्सीन की बड़ी खेप मिलने की वजह से जिले भर में 76 बूथ बनाए गए थे। इन बूथों पर 18917 लोगों ने कोविड का टीका लगवाया है। इनमें 13723 को पहली डोज और 5194 को दूसरी डोज लगाई गई। हालांकि इसके बाद भी कई बूथों से लोग भीड़ की वजह से टीका नहीं लगवा सके हैं। उन्हें मंगलवार को टीका लगवाने के लिए बुलाया गया है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक पिछले 15 दिनों से वैक्सीन के की कमी के कारण 30 से 35 बूथ ही औसतन बनाए जा रहे थे। इसकी वजह से टीका लगवाने वालों की संख्या में कमी आ रही थी। इस बीच रविवार की रात विभाग को शासन कीओर से 30 हजार से अधिक डोज मिल गए। इस पर विभाग ने तेजी दिखाते हुए सोमवार को 76 बूथ बनाए थे। इनमें तीन बूथ निजी अस्पतालों के शामिल हैं।

इन बूथों पर टीका लगवाने वालों की संख्या भी खूब रहीं। महिला अस्पताल के बने दोनों बूथों पर 900 से अधिक लोगों ने कोविड का टीका लगवाया है। इसके अलावा महिला अस्पताल के संक्रामक रोग बूथ पर 339 ने कोविड का टीका लगवाया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो सबसे अधिक लोग टीका लगवाने कौड़िया पीएचसी पर पहुंचे थे।
विज्ञापन


यहां पर 748 लोग टीकाकरण के लिए आगे आए। इसके अलावा पीएचसी पिपपरौली में 628, पीएचसी ब्रहृमपुर 740, गगहा में 725 लोगों ने कोविड का टीका लगवाया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कमी नहीं है। लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। जागरूकता का असर दिख रहा है।

संक्रामक रोग अस्पताल में कई लोग बिना टीका लगवाए ही लौटे
संक्रामक रोग अस्पताल में भीड़ की वजह से अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह नौ बजे से बूथ पर लंबी लाइन लग गई। इस बीच केवल एक काउंटर पर रजिस्ट्रेशन होने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। कई लोग बिना टीका लगवाए ही वापस लौट गए। जबकि इस बूथ पर कोवैक्सीन ही लगाई जाती है।
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें