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अंतिम संस्कार के बाद रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव, तनाव में 5 हजार की आबादी

Tue, 02 Jun 2020 09:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शनिवार को हुई थी मौत, जांच रिपोर्ट आए बिना परिजनों को सौंप दिया शव
  • रविवार को दिन में किया गया अंतिम संस्कार, देर रात रिपोर्ट आने के बाद सकते में आए गांव वाले
  • प्रशासन ने गांव को कराया सील, तैयार की जा रही संपर्क में आने वालों की सूची
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना जांच की रिपोर्ट आने से पहले शनिवार को जिस व्यक्ति का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया था, वह कोरोना संक्रमित था। अंतिम संस्कार के बाद रविवार को आई जांच रिपोर्ट में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई । इसके चलते  मृत व्यक्ति के गांव की पांच हजार की आबादी सांसत में पड़ गई है।

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जानकारी मिलने पर सोमवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गांव को सील कर मृतक के संपर्क में आने वालों की सूची बनाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि शव, कोविड-19 मानकों के तहत सौंप गया था, लिहाजा संक्रमण का खतरा नहीं है। इसके उल्टे ग्राम प्रधान का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से कइयों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा पैदा हो गया है।

एसडीएम बांसगांव पंकज दीक्षित का बयान भी मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल और सीएमओ के बयान के एकदम उलट है। एसडीएम कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लापरवाही हुई है। उन्होंने रिपोर्ट निगेटिव बताकर परिजनों को शव सौंप दिया। गांव में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई है। पूल सैंपलिंग भी कराई जाएगी।
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 जानकारी के मुताबिक बेलीपार का कनइल निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति मुंबई से लौटा था। उसे किडनी सहित अन्य बीमारियां थीं। शुक्रवार की रात में तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे बीआरडी मेडिकल कालेज में जांच के लिए ले गए। डॉक्टरों ने कोरोना जांच के लिए नमूना लिया। शनिवार को उसकी मौत हो गई।

शनिवार की शाम डॉक्टरों ने ट्रूनेट मशीन से जांच कराई तो स्क्रीन पॉजिटिव आया। बावजूद इसके उसके शव को अंतिम रिपोर्ट आने से पहले परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रविवार को उसका अंतिम संस्कार गांव के पास राप्ती नदी के कनइल घाट पर किया गया। रविवार की देर रात जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की तलाश शुरू

कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
रविवार की देर रात बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से ही गांव के लोग तनाव में हैं। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। सोमवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने परिजनों के सेहत की जांच करते हुए उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया है। पूरे गांव का सर्वे किया जा रहा है।  ग्रामीणों की मानें तो दाह संस्कार में 70 से 80 लोग शामिल हुए थे। स्वास्थ्य विभाग इनकी लिस्ट तैयार कर रहा है।

गांव हुआ हॉटस्पॉट घोषित  
मृतक के घर के चारों तरफ 500 मीटर के एरिया को प्रशासन ने हॉट-स्पॉट घोषित कर दिया है। गांव में राशन सामग्री वितरण के लिए चिह्नित दुकानदार को प्रशासन ने राशन सामग्री वितरण की अनुमति दी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामसुख यादव ने बताया कि इतनी बड़ी लापरवाही बीआरडी मेडिकल कॉलेज से हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए।  

गांव में पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची
कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत और गांव में अंतिम संस्कार के बाद सोमवार को प्रशासन की टीम गांव में पहुंची। गांव को सील कर प्रमुख रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। इस दौरान बांसगांव एसडीएम, सीओ नितेश सिंह तथा थाना प्रभारी बेलीपार अजीत प्रताप सिंह गांव में मौजूद भी रहे।

 

बरही-कनइल संपर्क मार्ग पर नाव संचालन बंद

कोरोना वायरस। - फोटो : पीटीआई
कनइल को सील करने के साथ साथ बरही-कनइल संपर्क मार्ग को भी प्रशासन ने सील कर दिया है। इस दौरान ग्रामीणों को राप्ती नदी पार कर नाव के रास्ते कनइल होते हुए बरही, सेमरौना, डीहघाट, झंगहा, कोना गांव के संपर्क मार्ग को बंद करते हुए नाव से आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है।

पैथोलॉजी व निजी क्लीनिक पर भी कराया था इलाज
परिजनों के मुताबिक बुजुर्ग ने बेलीपार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज कराया था। सोमवार को इस क्लीनिक के संचालक ने अस्पताल को बंद कर खुद को आईसोलेट कर लिया है। विभाग ने भी होम क्वारंटीन की सलाह दी है। इसके अलावा गांव को पांच जोन में बांटकर डब्ल्यूएचओ की टीम ने भी सर्वे शुरू कर दिया है। एक टीम में तीन सदस्य शामिल हैं। हर टीम ने 40 घरों का सर्वे किया है।

मृतक के भाई ने बताया कि 29 मई की देर रात बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। भाई को तुरंत कोविड-19 वार्ड में ले जाया गया। 30 मई की दोपहर मौत हो गई। डॉक्टर ने बुलाकर जानकारी दी और कहा कि इनकी किडनी खराब थी। अभी कोरोना जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही शव दिया जाएगा। देर शाम मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मी आए और शव दे दिया।

डॉक्टरों से पूछा गया कि कोरोना जांच का क्या हुआ तो कहा गया रिपोर्ट निगेटिव है। एंबुलेंस भी नहीं दी गई, फिर निजी गाड़ी से शव घर लेकर आ गए। रात भर शव घर पर रखा गया। 31 मई को सुबह नौ बजे राप्ती नदी के कनइल घाट पर दाह संस्कार किया गया। दाह संस्कार के बाद पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसर आए। इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। अब पूरे परिवार की जान सांसत में है। गांव सील हो गया है।  
 
 
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सीएमओ ने क्या कहा

कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
कनइल ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामसुख यादव के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मुश्किल बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट देकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस कारण परिवार वाले निजी वाहन से संक्रमित व्यक्ति का शव लेकर गांव आ गए। रिपोर्ट निगेटिव थी, लिहाजा शोक संवेदना व्यक्त करने तमाम ग्रामीण जा पहुंचे। शव को कंधे पर रखकर घाट तक ले जाया गया।

घाट पर भी सगे-संबंधी सहित तमाम लोग मौजूद रहे। जब से कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट मिली है, तब से गांव में हड़कंप मचा है। सब डरे हैं। मीडिया में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई, तब पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसर गांव आए हैं।  

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि ट्रूनेट मशीन से व्यक्ति की जांच हुई थी। स्क्रीन पॉजिटिव आने पर शव को कोविड-19 के मानकों को ध्यान में रखते हुए पुलिस की मौजूदगी में सौंपा गया था। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका कम है। फिर भी एहतियात के तौर पर गांव को सील करते हुए सबको होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। साथ ही अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की भी लिस्ट तैयार कराई जा रही है।  

बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि ट्रू नेट मशीन से जांच हुई थी। पुलिस की देखरेख में कोविड-19 के मानकों को ध्यान में रखते हुए परिजनों को शव सौंपा गया था। ऐसे में संक्रमण का कोई डर नहीं था।
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