गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दूसरे कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की मौत शनिवार को हुई है। मरीज कैंपियरगंज के ठाकुरनगर के मोहलीपुरवा का रहने वाला 62 वर्षीय बुजुर्ग था।
शुक्रवार की देर रात पॉजिटिव मिलने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। गोरखपुर मंडल में कोरोना से यह पहली मौत है। इससे पहले बस्ती का कोरोना पॉजिटिव युवक की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई थी।
जानकारी के अनुसार कैंपियरगंज के ठाकुरनगर के मोहलीपुरवा टोला के एक बुजुर्ग अपनी पत्नी समेत पांच लोगों के साथ 10 मई को मुंबई से आए थे। चार दिन तक गांव में रहने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी तो वह महराजगंज जिले के फरेंदा सीएचसी पर इलाज के लिए गया। जहां पर लक्षण दिखने पर उसे महराजगंज जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
जिला अस्पताल से जांच के लिए उसका नमूना गुरुवार को बीआरडी भेजा गया। साथ ही उन्हें और उनकी पत्नी को क्वारंटीन करा दिया गया। शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही
बुजुर्ग के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश महराजगंज और कैंपिरयरगंज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू कर दी है। फौरी तौर पर पत्नी, बेटी, दामाद सहित कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है। सबको होम क्वारंटीन कराया गया है। एहतियात के तौर पर गांव को सील कर दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि घरों में रहकर होम क्वारंटीन का पूरा पालन करें।
मौत का आंकड़ा किस जिले में जुड़ेगा, इस पर संशय बरकरार
बुजुर्ग की मौत के बाद अब तक यह तय नहीं हो सका है कि रिकार्ड में उसकी मौत गोरखपुर में जुड़ेगी या महराजगंज, क्योंकि गोरखपुर सीमएओ पहले ही कह चुके हैं कि मरीज का इलाज महराजगंज में चल रहा था। ऐसे में वह केस महराजगंज का है, जबकि महराजगंज सीएमओ की दलील है कि बुजुर्ग गोरखपुर का रहने वाला था। ऐसे में केस गोरखपुर में जुड़ेगा।
मौत के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है। बहरहाल, अफसरों के सीमा विवाद के इतर सच्चाई यह है कि कोरोना संक्रमण से मरने वाला बुजुर्ग मूलरुप से गोरखपुर के कैंपिरयगंज तहसील क्षेत्र का रहने वाला है। बुजुर्ग की मौत भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में हुई है।
दामाद को मिलेंगी अस्थियां
बुजुर्ग के दाह संस्कार के बाद स्वास्थ्य विभाग उनकी अस्थियों को दामाद को सौंपेगा, क्योंकि बुजुर्ग की केवल दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। घटना के बाद से बेटियां और दामाद दुखी हैं। दुख इस बात की है कि कोरोना महामारी ने कर्म कांड तक में शामिल होने का मौका नहीं दिया। बेटी और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
बीआरडी के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि बुजुर्ग की मौत शनिवार की सुबह मेडिकल कॉलेज में हुई है। कोरोना के साथ-साथ उसे कई अन्य गंभीर बीमारियां भी थी।