कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती अब प्रशासन की ओर से बनाए गए रेलवे के एल-वन अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाएंगे। इन्हें स्वास्थ्य विभाग बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद से ही गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भेजे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड कोविड-19 का एल-वन और एल-टू अस्पताल बनाया गया है। यहां पर मौजूदा समय में 100 से ज्यादा मरीज भर्ती भी हैं। इनमें कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया और गोरखपुर के मरीज शामिल हैं।
इन जिलों के मरीजों की संख्या बढ़ी तो उन्हें रेलवे अस्पताल में बने एल-वन अस्पताल में रखने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन रेलवे अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने अपनी नीति में बदलाव किए हैं।