नंद कुमार ने कैंट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव दिया। इस घटना पर वाणिज्य कर कर्मियों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई कर्मचारी अस्पताल तो कुछ थाने में पहुंचकर विरोध जताया।
आर्यन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी। ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था। इस वजह से फेफड़े सफेद हो चुके थे। शुगर लेवल अनियंत्रित था। इस कारण मरीज की मौत हुई है। लापरवाही की बात निराधार है। परिजन इलाज के रुपये नहीं देना चाहते थे, इसलिए आरोप लगा रहे हैं, जो कि बेबुनियाद है।
इंस्पेक्टर कैंट मनोज राय ने बताया कि आर्यन अस्पताल में विवाद से संबंधित तहरीर मिली है। मामले की जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।