गोरखपुर में बुधवार को लॉकडाउन के एक महीने पूरे हो गए। सरकारी दफ्तरों के खुलने के साथ ही अब प्रशासन का जोर बंद पड़ी बड़ी परियोजनाओं को गति देकर फिर से पटरी पर लाने का है।
लॉकडाउन के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने को लेकर दफ्तर में मंथन के बाद कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने फील्ड में निकलकर इनका निरीक्षण भी किया। सभी की प्रगति जांची और निर्माण कार्य शुरू होने में आ रही बाधाओं को दूर करने का मंत्र दिया।
सभी परियोजनाओं में मजदूरों की कमी ही सबसे बड़ी समस्या के तौर पर सामने दिखी जिसपर कमिश्नर ने कार्यदायी संस्थओं, सीडीओ को प्रदेश के भीतर ही दूसरे मंडल से मजदूर लाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कमिश्नर सबसे पहले ऑडिटोरियम के निरीक्षण के लिए पहुंचे। वहां 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है जबकि 40 फीसदी अभी भी बाकी है। इसपर उन्होंने कार्यदायी संस्था को तीन महीने के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया। मौके पर 87 मजदूर काम करते हुए मिले।