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कोरोना वार्ड में भर्ती युवक ने गला काटकर की खुदकुशी की कोशिश, डॉक्टर और कर्मियों पर भी किया हमला

Mon, 31 Aug 2020 11:51 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती एक युवक ने चाकू से गला काटकर खुदकुशी करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, इसके पहले कर्मियों और डॉक्टरों पर भी हमला किया। गले की नस कट जाने से युवक की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर युवक की जान बचाई। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है।

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जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर का रहने वाला 45 वर्षीय युवक का बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि वह भर्ती होने के बाद शुक्रवार से ही कुछ अजीब हरकतें करने लगा। शनिवार को वार्ड में उसे कहीं से चाकू मिल गया। उसने वार्ड में सफाई करने आए कर्मचारी पर हमला बोल दिया।

गनीमत रहा कि सफाई कर्मी संभल गया और वार्ड से तत्काल निकलकर इसकी जानकारी ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को दी। इस पर तत्काल डॉक्टर मौके पर पहुंचे और मरीज को समझाने की कोशिश की। इस बीच उसने डॉक्टर पर भी हमला कर दिया। डॉक्टर ने किसी तरह खुद को बचाया। कर्मियों के मुताबिक, इसी बीच युवक ने चाकू से अपने गले की नस काट ली। आनन-फानन में सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को बुलाया गया।

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तीन घंटे तक चला ऑपरेशन

घटना के बाद से कोरोना वार्ड में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना रात में प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को दी। इस पर प्राचार्य ने संक्रमित की जान बचाने के लिए ऑपरेशन करने का फैसला लिया। जनरल सर्जरी के डॉ. अशोक यादव और डॉ. मुकुल सिंह ने ऑपरेशन किया।

तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसे बचा लिया गया। फिलहाल, युवक खतरे से बाहर है। डॉक्टरों के मुताबिक, घटना की वजह पता नहीं चल पाई है। युवक डिप्रेशन में है। इसकी वजह से उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।  

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि घटना रात में हुई। मरीज की जान बचाने के लिए कोविड वार्ड में ड्यूटी कर चुके जनरल सर्जरी के डॉक्टरों को बुलाया गया। रात में ही टीम ने ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। घटना का कारण अब तक पता नहीं चल सका है, लेकिन यह बात जरूर सामने आई है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था।
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यूं ही नहीं कहा जाता डॉक्टर को धरती का भगवान

डॉक्टरों को यूं ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता। कुशीनगर के रहने वाले युवक ने जिन डॉक्टरों पर हमला किया, उन्हीं के सहयोगी डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। डॉक्टरों ने तीन घंटे तक ऑपरेशन कर युवक को खतरे से बाहर निकाला। परिजन डॉक्टरों की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।

वहीं वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने भी डॉक्टरों की सराहना की है। उनका कहना है कि जिस तरह युवक ने डॉक्टर पर हमला किया, कोई दूसरा होता तो मदद नहीं करता, लेकिन बीआरडी के डॉक्टरों ने समझदारी व इंसानियत दिखाते हुए युवक की जान बचा ली।
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