घटना के बाद से कोरोना वार्ड में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना रात में प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को दी। इस पर प्राचार्य ने संक्रमित की जान बचाने के लिए ऑपरेशन करने का फैसला लिया। जनरल सर्जरी के डॉ. अशोक यादव और डॉ. मुकुल सिंह ने ऑपरेशन किया।
तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसे बचा लिया गया। फिलहाल, युवक खतरे से बाहर है। डॉक्टरों के मुताबिक, घटना की वजह पता नहीं चल पाई है। युवक डिप्रेशन में है। इसकी वजह से उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि घटना रात में हुई। मरीज की जान बचाने के लिए कोविड वार्ड में ड्यूटी कर चुके जनरल सर्जरी के डॉक्टरों को बुलाया गया। रात में ही टीम ने ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। घटना का कारण अब तक पता नहीं चल सका है, लेकिन यह बात जरूर सामने आई है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था।
डॉक्टरों को यूं ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता। कुशीनगर के रहने वाले युवक ने जिन डॉक्टरों पर हमला किया, उन्हीं के सहयोगी डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। डॉक्टरों ने तीन घंटे तक ऑपरेशन कर युवक को खतरे से बाहर निकाला। परिजन डॉक्टरों की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।
वहीं वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने भी डॉक्टरों की सराहना की है। उनका कहना है कि जिस तरह युवक ने डॉक्टर पर हमला किया, कोई दूसरा होता तो मदद नहीं करता, लेकिन बीआरडी के डॉक्टरों ने समझदारी व इंसानियत दिखाते हुए युवक की जान बचा ली।