गोरखपुर में इलाज के अभाव में कोरोना मरीज की एंबुलेंस में मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि सोमवार को टीबी अस्पताल में मरीज को भर्ती करने में देरी की गई। अस्पताल परिसर में बुजुर्ग मरीज एंबुलेंस में पौने दो घंटे तक पड़े रहे। समय से इलाज नहीं मिलने की वजह से उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, भटहट के गुलरिहा निवासी 60 वर्षीय एक व्यक्ति को काफी दिनों से शुगर की बीमारी थी। इस बीच उनकी तबीयत खराब हुई तो परिजनों ने कोरोना जांच कराई। जांच में बीते 22 अगस्त को वह कोरोना पॉजिटिव निकले। इसके बाद उन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया था।
इस बीच सोमवार को तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने एंबुलेंस बुलाया। परिजन बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाने को बोले तो एंबुलेंस चालक 100 बेड टीबी अस्पताल लेकर गया। परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस कर्मी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए अंदर चले गए।
इसके बाद वह करीब पौने दो घंटे बाद वापस आए, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर डॉक्टर आ गए होते तो मरीज की जान नहीं जाती। सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से मरीज की जान गई है।
टीबी अस्पताल नोडल अधिकारी डॉ. अखिलानंद त्रिगुण ने कहा कि एंबुलेंस दोपहर बाद 2:50 बजे अस्पताल परिसर में पहुंची। डॉक्टर ने तत्काल मरीज को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। शव को सुरक्षित रखा गया है। मंगलवार को सुबह नौ बजे परिजनों को शव सौंपा जाएगा।