फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: ऑक्सीजन कम होने पर अस्पताल में नहीं मिला बेड, बरगद के पेड़ के नीचे सुलाया और मिल गया आराम

Sat, 08 May 2021 09:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

अस्पताल में जगह नहीं मिली तो ग्रामीणों ने किया प्रतीकात्मक विरोध। दावा है कि दो घंटे में बुजुर्ग का ऑक्सीजन स्तर सुधर गया। 
 
विज्ञापन
संक्रमित बुजुर्ग को बरगद के पेड़ के नीचे सुलाया। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र के गांव ददरा में कोरोना संक्रमित बुजुर्ग स्वराज हिंद पासवान उर्फ गल्ला को सांस लेने की तकलीफ पर अस्पताल में जगह नहीं मिली तो परिजनों ने प्रतीकात्मक विरोध में उनको बरगद के पेड़ के नीचे चारपाई पर सुला दिया। यूं तो अस्पताल में जगह न मिलने पर यह सब किया गया, मगर इसके बाद सारा परिदृश्य ही बदल गया।
विज्ञापन


ग्रामीणों का दावा है कि बुजुर्ग का गिरता ऑक्सीजन स्तर दो घंटे में ही सुधर गया। अब उन्हें आइसोलेट करके काढ़ा व जरूरी दवाएं दी जा रही हैं।
 
जानकारी के मुताबिक, गोला के ददरा गांव निवासी स्वराज हिंद पासवान उर्फ गल्ला कोरोना पॉजिटिव हैं। शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। ऑक्सीजन लेवल भी कुछ कम हो गया। इससे चिंतित परिजनों ने अस्पताल की तलाश शुरू की, ताकि बुजुर्ग को एडमिट करा सकें। 
विज्ञापन

बड़हलगंज के दुर्गावती अस्पताल में एक भी बेड खाली नहीं मिला। मोबाइल फोन से गोरखपुर के अस्पतालों में बेड की जानकारी ली गई। जब बेड नहीं मिला तो परिजन सीएमओ कार्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी सुधांशु श्रीवास्तव के पास गए। परिजनों ने मदद मांगी तो सुधांशु ने कहा कि स्वराज को बरगद के पेड़ के नीचे चारपाई डालकर सुला दें। बरगद के नीचे ऑक्सीजन ज्यादा मिलती है। 

परिजनों को बेड न मिलने से नाराजगी भी थी, यह सुझाव सामने आया तो उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध और सुझाव के सम्मान के तौर पर बुजुर्ग को बरगद के पेड़ के नीचे चारपाई पर सुला दिया। बुजुर्ग के बेटे शैलेश, भतीजे निखिल व ऋतिक के मुताबिक दो घंटे बाद ही स्वराज की सांस लेने में दिक्कत कम हो गई। ऑक्सीजन का स्तर भी फिलहाल ठीक है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें