कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन-चार में काफी हद तक छूट प्रशासन ने दे दी है। इस छूट में निजी अस्पताल और नर्सिंग होम भी शामिल कर लिए गए हैं। इनको स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इमरजेंसी में इलाज और ऑपरेशन की अनुमति भी मिल गई है।
ऐसे में इमरजेंसी में कोरोना टेस्ट के नाम पर ऑपरेशन का अतिरिक्त बोझ आम जनता को उठाना पड़ रहा है। ऑपरेशन से पहले निजी लैब से मरीजों को कोरोना जांच के नाम पर 4500 रुपये देने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं पीपीई किट सहित अन्य खर्चे भी निजी अस्पताल जोड़ने की तैयारी में जुट गए हैं।
जिले में करीब 300 से अधिक निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। इसमें कई बड़े अस्पताल है, जहां रोजाना आठ से दस ऑपरेशन होते हैं। पहले की अपेक्षा अब प्राइवेट अस्पतालों में ऑपरेशन महंगे हो गए हैं।