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lockdown 4.0: प्रवासी मजदूरों को बेसिक शिक्षा विभाग भी देगा रोजगार, जानें कैसे

Sat, 23 May 2020 04:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कंपोजिट ग्रांट के मद में 10 करोड़ की धनराशि परिषदीय विद्यालयों में भेजी गई
  • जून तक विद्यालय की मरम्मत, रंगाई-पुताई, फर्नीचर की मरम्मत आदि कामों को पूरा कराने का निर्देश
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भी रोजगार दिया जाएगा। इसकी कार्ययोजना विभाग ने तैयार करते हुए जिले के तीन हजार परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट के रूप में 10, 3462500 की धनराशि भेजी है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को 30 जून तक विद्यालयों में काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

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विभाग का मानना है कि बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। विद्यालयों में रंगाई-पुताई के साथ फर्श और फर्नीचर की मरम्मत सरीखे काम किए जाने हैं।

ऐसे में प्रवासी मजदूरों से काम लेकर उन्हें उनके क्षेत्र में ही रोजगार दिलाने की शासन की मंशा को पूरा किया जा सकता है। ऐसे में सुरक्षात्मक उपायों को अपनाते हुए काम को कराया जाना चाहिए।

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क्या है कंपोजिट ग्रांट

परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प और जरूरी संसाधनों के लिए शासन की ओर से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को छात्र संख्या के आधार पर धनराशि आवंटित की जाती है। इसके अंतर्गत उपकरणों की मरम्मत, दरी खरीद, ब्लैक बोर्ड मरम्मत, ग्रीन बोर्ड, आदमकद शीशा, कर्मचारियों के फोटोयुक्त विवरण, चॉक-डस्टर, परीक्षा स्टेशनरी, विद्युत व पेयजल, विज्ञान-गणित किट, प्रतियोगिताओं के आयोजन, खेल सामग्री, शिक्षण-अधिगम सामग्री, इंटरनेट व अन्य छात्रहित कामों पर खर्च कर सकेंगे।

छात्र संख्या           आवंटित धनराशि
1 से 15       -          12500
16 से 100    -          25000
101 से 250  -          50000
251 से 1000 -         75000
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10 प्रतिशत खर्च स्वच्छता पर होगा

स्कूल कंपोजिट ग्रांट में से 10 प्रतिशत स्कूल स्वच्छता एक्शन प्लान के तहत शौचालयों व मूत्रालयों के नियमित रखरखाव, कक्षा कक्षों में कचरा पात्र रखने व पानी की टंकियों की साफ-सफाई पर खर्च किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकेगी।

बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट के रूप में धनराशि प्रेषित कर दी गई है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को शासन की मंशा के मुताबिक प्रवासी मजदूरों से रंगाई-पुताई, विद्यालय और फर्नीचर की मरम्मत समेत अन्य कार्यों के लिए रोजगार मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। जून तक काम को पूरा कराया जाएगा।
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