घरों में आइसोलेट हो रहे कोरोना संक्रमितों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने रैपिड एक्शन टीम का गठन किया है। इस टीम में डॉक्टर से लेकर एनएनएम और आशा तक को शामिल किया गया है। सभी को वाहन समेत सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। जिले में ऐसी 20 टीमें बनाई गई हैं। इनमें 10 टीमें शहर तो बाकी की 10 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि ये टीमें, होम आइसोलेट वाले सभी संक्रमितों के घर जाएंगी। वहां उनके स्वास्थ्य का हाल जांचने के साथ ही उन्हें इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह देंगी। टीमें यह भी देखेंगी कि संबंधित संक्रमित के रहने के लिए अलग कमरा और शौचालय आदि की व्यवस्था है या नहीं।
साथ ही यह भी कि संक्रमित के साथ ही परिवार के बाकी लोग भी जरूरी एहतियात बरत रहे हैं या नहीं। अगर किसी के घर पर जरूरी सुविधाएं नहीं पाई गई तो उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि 60 साल या उससे अधिक उम्र के संक्रमित मरीज को होम आइसोलेट की छूट नहीं होगी। इसी तरह अगर कोई पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है तो उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाएगा।