कोरोना महामारी के बीच ही कर्फ्यू के चलते कामगार घर पर बैठे तो उनकी गृहस्थी ही उजड़ने लगी। विवाद तो पहले भी होते थे, मगर इन दिनों रुपये की किल्लत ने इसे और बढ़ा दिया है। शराब की लत में खर्च रोज का है, लेकिन आमदनी नहीं होने से घर के सामान तक बेच दे रहे है, जिसे लेकर गांवों में झगड़े बढ़ने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोई पत्नी के जेवर बेच दे रहा है तो कोई उधारी लेकर शराब भट्ठी पर पहुंच जा रहा है। नशे में घर पर लौटने पर रुपये के बारे में पूछने पर मारपीट की नौबत आ जा रही है। परेशान होकर लोग पुलिस से फरियाद करते हैं। पुलिस भी मौके पर जाती है तो डांटकर समझाकर मामले को शांत तो करा देती है। लेकिन कोई समाधान उसे भी नहीं सूझता।
आलम यह है कि थाना पुलिस से ऐसे लोगों की पत्नी और घरवाले ही शिकायत कर रहे हैं, फिर यह भी कहते हैं कि सिर्फ समझा दीजिए, जेल मत भेजिए। अब पुलिस भी मामला घरेलू होने की वजह से समझा बुझाकर ही मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करती है। जहां मारपीट हो रही है वहां पर कार्रवाई भी की जा रही है।