चीन से नेपाल आने के लिए सड़क मार्ग रशुवागढ़ी और तातो पानी सड़क मार्ग एक महीने से बंद है। अब भारत ने भी नेपाल के सभी स्थल मार्गो से विदेशी नागरिकों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके कारण अब विदेशी नागरिक सड़क मार्ग से चीन और भारत नहीं जा सकते हैं।
450 लोगों के स्वास्थ्य की जांच
नेपाल के बेलहिया कस्बे में कैंप में कोरोना संक्रमण की आशंका में 450 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिसमें 6 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इस बात की जानकारी नेपाल स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय के प्रवक्ता विकाश देवकोटा ने दी। उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर नेपाल सरकार गंभीर है। भारत नेपाल की सभी सीमा सहित चाइना और बांग्लादेश की सीमा पर जांच हो रही है।
आपातकाल में व्यवस्था ठीक रखने का निर्देश
डीएम ने कोरोनावायरस को लेकर सरहद अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिया है। उन्होंने डॉक्टरो के साथ एसएसबी जवानों को भी जांच करने के लिए निर्देशित किया। सीएमओ डॉ एके श्रीवास्तव ने बताया कि बैरियर लगाकर कर यात्रियों को रोका जाएगा और कैंप लगाकर कर अलग से तीन डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी। जिससे सभी की जांच हो सके। आपातकाल के दौरान 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश डीएम ने दिया है।
भारत नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते फ्रांस और स्पेन के दो नागरिको को नेपाल आब्रजन ने नेपाल प्रवेश देने से मना कर दिया है। दोनों यात्री सरहद पर रुके हुए हैं। बृहस्पतिवार की शाम फ्रांस का एक और स्पेन का एक नागरिक भारत की यात्रा पूरी कर आब्रजन कार्यालय सोनौली पहुंचा। जहां डिपार्चर के साथ कोरोनावायरस की जांच डॉक्टरों द्वारा किया गया।
फिर वह नेपाल जाने के लिए नेपाल आब्रजन कार्यालय पहुंचे। जहां अधिकारियों ने दोनों नागरिको को नेपाल में प्रवेश की अनुमति देने से मना कर दिया। चीफ आब्रजन अधिकारी बेलहिया गिरिराज ने बताया कि नेपाल सरकार ने दस देशों के नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाया है। जिसमें दोनों नागरिक आते हैं।
बार्डर पर 653 लोगों की हुई जांच
भारत नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते भारत से नेपाल आने जाने वाले 653 यात्री और पर्यटको की जांच कैंप में हुई। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे तक डॉ. अशोक कुमार, पारस नाथ फार्मासिस्ट राजेश वर्मा के नेतृत्व में भारत से नेपाल आने जाने के दौरान 653 विदेशी यात्री और पर्यटको की जांच हुई।