गोरखपुर जिले के पिपराइच इलाके में दो ईसाई प्रचारकों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि पिपराइच में पकड़े गए दोनों पादरी से 50 लोग ईसाई बनने के लिए संपर्क में थे। इसमें से पांच प्रलोभन पाकर पूरी तरह से तैयार भी हो गए थे। यह भी सामने आया है कि एक घर में ये चर्च बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों को सोमवार को जेल भेजने के साथ ही मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के केशव सिंह व पंजाब के पठानकोट निवासी ओंकार को पिपराइच पुलिस ने सोमवार को जेल भेजा है। दोनों पर धर्मांतरण का केस भी दर्ज किया गया था। अब पुलिस जांच में सामने आया कि पिपराइच के चिलबिलवा गांव में अच्छी निशुल्क शिक्षा, ऐश और आराम की जिंदगी व नकदी का प्रलोभन देकर बड़ी संख्या में लोगों का धर्म परिवर्तन कराए जाने की तैयारी थी। साथ ही चिलबिलवा गांव के रामानंद के घर में चर्च खुलवाने की साजिश थी। पुलिस के अनुसार, चिलबिलवा गांव के 5 लोगों को इन लोगों ने धर्म परिवर्तन के लिए तैयार भी कर लिया था, लेकिन उनके मंसूबे फेल हो गए।
जनवरी महीने से रह रहे थे गांव में
पिपराइच इंस्पेक्टर मधुम मिश्रा ने बताया कि दोनों दो साल पहले तक खुद हिंदू थे। बाद में वे ईसाई बन गए। इसके बाद दोनों ने पंजाब के पठानकोट स्थित कार्मल बाइबिल स्कूल से सर्टिफिकेट कोर्स किया था। वहां से वे धर्म के प्रचारक के तौर पर अलग-अलग शहरों में निकले। पंजाब व हरियाणा में 25 लोगों का धर्मांतरण कराने के बाद वे जनवरी में गोरखपुर आए। ओंकार 7 अप्रैल 2022 को तो वहीं जम्मू का केशव सिंह जनवाल 18 जनवरी 2022 को गोरखपुर आया था। यहां चिलबिलवा गांव निवासी रामानंद की पत्नी सीमा के घर रह रहे थे।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि दोनों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। कई तथ्य सामने आए हैं। थानेदार पूरे मामले की विवेचना कर रहे हैं। हर बिंदु पर जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।