फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को ठेकेदार ने दी जान से मारने की धमकी, दी गई तहरीर

Thu, 20 Apr 2023 02:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यदायी संस्था का कार्यकाल समाप्त हो गया था। आरोपी ठेकेदार ने भुगतान को लेकर कुलपति को धमकी दी है। कैंट थाने में तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
डीडीयू के कुलपति प्रो. राजेश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह को बुधवार रात फोन पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले में गोरखपुर विश्वविद्यालय में सफाई का काम कराने वाले ठेकेदार पर आरोप लगा है। मुख्य नियंता ने कैंट थाने में तहरीर देकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन


उधर, आरोपी ठेकेदार श्रीप्रकाश शुक्ला ने भी शाहपुर थाना पुलिस को बकाया रकम मांगने पर बंधक बनाए जाने की सूचना दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बुधवार देर रात इंस्पेक्टर कैंट रणधीर मिश्रा ने कुलपति आवास पहुंचकर मामले की जानकारी ली।

इसे भी पढ़ें: सुबह सात बजे ही दोपहर के 12 बजे जैसी धूप का ताप, बरस रही आग
विज्ञापन


प्रो. गोपाल ने तहरीर में लिखा है कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ठेके पर सफाई का कार्य करा चुके काशी ट्रेडर्स के संचालक पादरीबाजार निवासी श्रीप्रकाश शुक्ला ने बुधवार की रात में कुलपति को मोबाइल पर फोन किया और जान से मारने की धमकी दी। नियंता के मुताबिक, श्रीप्रकाश के फर्म का गोरखपुर यूनिवर्सिटी से अनुबंध खत्म हो गया है। तहरीर में उसके दो मोबाइल फोन नंबर को भी दर्शाया गया है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यदायी संस्था का कार्यकाल समाप्त हो गया था। आरोपी ठेकेदार ने भुगतान को लेकर कुलपति को धमकी दी है। कैंट थाने में तहरीर दी गई है।
विज्ञापन


आरोपी ठेकेदार श्रीप्रकाश शुक्ला ने कहा कि यूनिवर्सिटी में सफाई के कार्य का करीब 70 लाख रुपये का बकाया है। कर्मचारियों को रुपये देने के लिए मैं बुधवार को यूनिवर्सिटी गया था, जहां मुझे बंधक बनाया गया। मैंने इसकी जानकारी शाहपुर पुलिस को दी है। मेरी फोन पर कुलपति से बात भी नहीं हुई है।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें