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किल्लत : ब्लैक में खरीद रहे गैस सिलिंडर

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गोरखपुर। जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) की रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बनी हुई है। शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर है। कई जगहों पर रविवार को भी उपभोक्ताओं को समय से सिलिंडर नहीं मिल सका, जिससे लोग परेशान रहे। शादी-विवाह वाले घरों में तो लोग मजबूरी में अन्य कंपनियों के सिलिंडर ब्लैक में खरीद रहे हैं।
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शहर में ज्यादातर उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। जिससे उन्हें ब्लैक में या अन्य रिश्तेदारों व पड़ोसियों से सिलिंडर लेना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर अवैध रिफिलिंग की दुकानें भी चल रही हैं। हालांकि जांच के डर से रविवार को ज्यादातर दुकानें बंद मिलीं। खजनी तहसील क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
पल्हीपार स्थित गैस एजेंसी पर भी लंबी कतारें देखी गईं। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ बिचौलिए 1300 से 1500 रुपये तक में सिलिंडर उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं। गड़ैना निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि दो-तीन दिन एजेंसी पर लाइन में लगने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिला, आखिरकार 1300 रुपये देकर किसी तरह सिलिंडर खरीदना पड़ा। वहीं एजेंसी के प्रबंधक टप्पू राय ने गैस की कमी से इन्कार किया है। चौरीचौरा क्षेत्र में भी ग्रामीण गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। होम डिलीवरी करने वालों के फोन बंद होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
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बताया जा रहा है कि सहजनवां के बोक्टा बॉटलिंग प्लांट में रोज करीब 50 हजार सिलिंडर रिफिल होते हैं, इसके लिए 32 टैंकर एलपीजी की प्लांट में जरूरत होती है। जबकि इस समय गुजरात से करीब 10 से 12 टैंकर आ रहे हैं। एक दिन में 20 से 21 गाड़ियां प्लांट से गैस सिलिंडर लेकर निकल रही हैं। फिलहाल एजेंसियां उपभोक्ताओं को जल्द गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दे रही हैं।
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