गोरखपुर जिले में राप्तीनगर के करीमनगर क्षेत्र में अवर अभियंता मोहनलाल ने उपभोक्ता अजय कुमार पांडेय के आवास की लाइन डेढ़ लाख रुपये बकाया बताकर कटवा दी। जबकि उपभोक्ता ने जनवरी में ही 35 हजार रुपये का बिल जमा किया था। जांच में सामने आया कि संविदा कर्मी के कहने पर बिना जांचे ही लाइन कटवा दी गई। औचक निरीक्षण में मुख्य अभियंता ने मामले को पकड़ा।
दरअसल, मुख्य अभियंता ने मंडल में बकायेदारी पर कनेक्शन काटने का अभियान शुरू करवाया है। इसकी हकीकत जांचने बुधवार को वह खुद निकल गए। उनके साथ अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा भी थे। फोन पर कनेक्शन विच्छेदन टीम का लोकेशन लेते हुए अचानक राप्तीनगर क्षेत्र में पहुंचे। वहां राप्तीनगर न्यू के अवर अभियंता मोहनलाल और उनकी संविदा की टीम थी।
मुख्य अभियंता ने कार्रवाई के बारे में पूछताछ की तो अवर अभियंता ने बताया कि बड़े बकायेदार हैं, सभी की लाइन काट रहे हैं। जो भुगतान कर रहे उनकी बिजली नहीं काटी जा रही है। बताया गया कि तकरीबन डेढ़ लाख के बकाया पर एक उपभोक्ता की बिजली काटी गई है।
मुख्य अभियंता ने जब उपभोक्ता के कनेक्शन संख्या, बकाये को अवर अभियंता के पास वाली सूची में देखने की बात की तो वह नहीं दिखा सके। मुख्य अभियंता ने बताया कि ये बेहद गलत तरीका है। उपभोक्ता समय से बिजली बिल जमा कर रहा है तो भी उसकी लाइट काट दी गई। यह लापरवाही क्षम्य नहीं है।