अयोध्या से जनकपुर तक जाने वाले रामजानकी मार्ग का जनपद की सीमा में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सिकरीगंज से लेकर बड़हलगंज तक 40 किलो मीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण पर 403.36 करोड़ की लागत आएगी। इस सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए इस सड़क के किनारे लगे 4100 पेड़ों को काटा जा रहा है। इसके लिए वन विभाग को मुआवजा दिया जा चुका है। साथ ही सड़क के किनारे खड़े बिजली के पोल-तार को बिजली विभाग हटा रहा है।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अयोध्या को जनकपुर से जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग को बेहतर बनाने के लिए बहुत पहले ही टेंडर कर दिया गया था। दिल्ली की फर्म एसएनपी बीयूपीएल को टेंडर मिला, लेकिन जमीन के अधिग्रहण और सड़क किनारे पेड़ नहीं कट पाने के कारण फर्म समय से कार्य नहीं शुरू करा पाई।
अब जमीन का मुआवजा एनएच की तरफ से दे दिया गया है। जमीन उपलब्ध होने के कारण अब सड़क के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा नहीं रह गई। जो पेड़ थे, वह तेजी से काटे जा रहे हैं। जल निगम की पाइप लाइन के लिए भी मुआवजा देकर सड़क का काम कराया जा रहा है। जून 2025 तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
एनएच अधीक्षण अभियंता कमल शंकर ने कहा कि राम जानकी मार्ग का निर्माण कार्य सिकरीगंज से लेकर बड़हलगंज तक शुरू हो गया है। इस सड़क के निर्माण पर 403 करोड़ की लागत आएगी। 40 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है।