गोरखपुर। पूरी दुनिया को क्रिया योग का पाठ पढ़ाने वाले योगगुरु परमहंस योगानंद से जुड़ी विशेष धरोहर योगानंद की कोतवाली स्थित जन्मस्थली पर स्मृति भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है। कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो गया है। दिसंबर तक इसे पूरा कर लोकार्पण की तैयारी है।
वर्तमान में तीसरी मंजिल की छत का कार्य किया जा रहा है। जन्मस्थली पर करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से योग भवन बनाने की कार्ययोजना के अनुसार कार्य किया जा रहा है। मई 2025 में शिलान्यास खुद सीएम योगी ने किया था। जन्मस्थली पर भूमि तल के बाहर हिस्से एक लॉन विकसित किया जाएगा, जिसमें योगानंद की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पहले तल पर एक संग्रहालय और पुस्तकालय बनाया जाएगा, जिसमें योगानंद की अलग-अलग मुद्रा में चित्रों को अवलोकनार्थ सजाया जाएगा।
उनसे जुड़े बहुमूल्य सामान का भी प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरा तल आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगा। इसमें उस स्थान को मंदिर का स्वरूप दिया जाएगा, जहां योगानंद का जन्म हुआ था। मंदिर के सामने केंद्र का दूसरा योग सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें बैठकर योगानंद की शिष्य परंपरा के लोग योग व ध्यान कर सकेंगे। तीसरे और अंतिम तल पर दो हाल बनाए जाएंगे, जिसमें योगाभ्यास करने का इंतजाम रहेगा। ध्यान के लिए अगल से स्थान निर्धारित रहेगा।
बोले अधिकारी
योगगुरु परमहंस योगानंद की जन्मस्थली कोतवाली में स्मृति भवन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। कार्य लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। दिसंबर तक यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
- राजेंद्र प्रसाद यादव, उप निदेशक, पर्यटन विभाग