4.50 करोड़ में होगा निर्माण
नौसड़ में बनने वाला यह प्लांट राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम से मिले 4.50 करोड़ से बनाया जाएगा। फिलहाल इसकी दाह क्षमता हर घंटे 1000 किलोग्राम होगी। क्रिमेटोरियम का आधा प्लांट बिजली से चलेगा। इसके बन जाने से पशुओं के शव को जमीन में दफनाया नहीं जाएगा बल्कि बिजली एवं गैस आधारित (पीएनजी/एलपीजी) इंसीनरेटर में दाह होगा। पशुओं का शव जलाने वाला कंबक्शन गैस चालित होगा जिसमें पीएनजी या एलपीजी का उपयोग होगा।
पांच साल के लिए दिया टेंडर
नगर निगम ने इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी-इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) के आधार पर पांच साल के लिए पीएम प्रोजेक्ट्स एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इंदौर को यह टेंडर दिया है। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि चयनित फर्म 2000 वर्ग मीटर में नौ माह में इंसीनरेटर का निर्माण कर पांच साल संचालन एवं रख-रखाव भी करेगी। क्रिमेटोरियम प्लांट से निकलने वाले वेस्ट वॉटर के ट्रीटमेंट के लिए ईटीपी भी लगाया जाएगा। वेस्ट वॉटर को ट्रीट करने के बाद प्लांट के गार्डेन में इस्तेमाल किया जाएगा।