लंबे समय से प्रतीक्षित देवरिया बाईपास-टीपीनगर सिक्सलेन फ्लाईओवर का निर्माण अब अंतिम चरण में है। अगले माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका लोकार्पण होने की तैयारी तेज हो गई है। मार्च के अंत तक इस बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा, जिससे शहरवासियों को यातायात की समस्या से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
यह फ्लाईओवर शहर के मुख्य परिवहन मार्गों में एक अहम कड़ी साबित होगा। इससे जहां एक ओर प्रमुख बाईपास से शहर की ओर आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन आसान होगा, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। फ्लाईओवर का निर्माण छह लेन का है, जिससे भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक को भी सहारा मिलेगा।
अभी एसबीआई के सामने फ्लाईओवर के एप्रोच का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है, जबकि देवरिया बाईपास की तरफ का हिस्सा कुछ हद तक अधूरा है। अधिकारियों का कहना है कि यह भाग भी जल्द ही पूरी तरह सेट कर दिया जाएगा। वहीं, टीपीनगर से रुस्तमपुर तक सड़क का निर्माण पहले ही पूरा कर दिया गया है। फ्लाईओवर के नीचे पिलर के रंग-रोगन का काम भी जारी है।
स्थानीय दिनेश गुप्ता कहते हैं कि शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के कारण यात्रा में घंटों लग जाते थे लेकिन इस फ्लाईओवर के बनने से समय की बचत के साथ साथ लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी आसान होगा। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि मार्च में फ्लाईओवर का काम पूरा कर लिया जाएगा।
गर्डर रखने के लिए देवरिया बाईपास पर रहेगा डायवर्जन
एसबीआई शाखा के पास निर्माणाधीन सिक्सलेन फ्लाईओवर के एप्रोच का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद देवरिया बाईपास की तरफ बन रहे एप्रोच को कनेक्ट किया जाएगा। गर्डर रखने के लिए करीब 10 से 15 दिनों तक वहां ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। यह काम एक हफ्ते बाद शुरू होने की संभावना है।
दरअसल, देवरिया बाईपास रोड की तरफ जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए फ्लाईओवर को इस रास्ते से कनेक्ट किया गया है। इस तरफ एप्रोच का निर्माण भी तेज से चल रहा है। अब गर्डर रखकर दोनों रास्तों को जोड़ना बाकी है। इसके बाद सड़क बिछा दी जाएगी।
गर्डर रखने के लिए नीचे वाहनों के आवागमन को रोकना पड़ेगा। सेतु निगम के जीएम का कहना है कि एक एप्रोच का काम पूरा होने के बाद इस काम को किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक को बंद करना पड़ेगा। डायवर्जन का प्लान जल्द जारी किया जाएगा।