बंगाल तक तस्करी का मामला पकड़ा जा चुका है
गोरखपुर से पश्चिम बंगाल तक असलहों की तस्करी का मामला भी पकड़ा जा चुका है। गोरखपुर पुलिस ने बंगाल के दो युवकों को गिरफ्तार कर इसकी पुष्टि की थी, लेकिन इसका असल आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है। उसके पकड़े जाने के बाद पूरे नेटवर्क के खुलने की उम्मीद है।
सात से नौ हजार रुपये में बेचे जाते हैं असलहे
नए युवक हो या छोटे बदमाश, इनमें असलहों का क्रेज होता है। शौकीन युवाओं को पेशेवर बदमाश अपना निशाना बनाकर सात से नौ हजार रुपये में बेच देते हैं।
बिहार से लाए जाते हैं असलहे
लंबे समय से गोरखपुर में बिहार के मुंगेर से असलहे आते हैं। बीच में आजमगढ़ से भी असलहे आने की पुष्टि हुई थी। तीन से चार हजार रुपये में बिहार में तमंचा मिल जाता है। वहीं देशी पिस्टल 10 हजार में मिलती है फिर उसे लाकर गोरखपुर और आसपास में बेचकर बदमाश अपनी जेब भरते हैं। दूसरे उससे अपराध भी करते हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जो भी बदमाश अवैध असलहे के साथ पकड़े जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अभियान में पुलिस को अच्छी कामयाबी भी मिली है। पुलिस को सख्ती से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।