महराजगंज शहर के वीरबहादुर नगर की रहने वाली अंजलि तिवारी उर्फ आयसा की ओर से लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश के मामले में नया मोड़ आने से सियासी गलियारे में हलचल मच गई है। महिला को आत्मदाह की कोशिश के लिए उकसाने के शक के आधार पर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन व शहर के वीरबहादुर नगर के रहने वाले आलोक प्रसाद को लखनऊ में हिरासत में लिए जाने के बाद जिले में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की।
बुधवार को इस मुद्दे को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सतर्क हो गया। मौके पर पुलिस टीम के साथ सीओ, एसडीएम कोतवाल पहुंचे।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के चेयरमैन को बिना शर्त रिहा किया जाए। कांग्रेसी नेताओं ने सत्ताधारी दल के एक विधायक पर आरोप मढ़ते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश पाल ने कहा कि सत्ताधारी दल के एक विधायक साजिश के तहत कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के चेयरमैन को फंसा रहे हैं। विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। भाजपा कांग्रेसियों का उत्पीड़न कर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दे से हटना चाहती है। अगर कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के चेयरमैन को रिहा नहीं किया गया तो कांग्रेसी खामोश नहीं बैठेंगे।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा से लेकर हर मोर्चे पर फेल है। भाजपा सरकार में न्याय के लिए लोग भटक रहे हैं। न्याय की लड़ाई लड़ने वाले लोगों की आवाज को सरकार बंद करना चाहती है। इस दौरान महिला जिला अध्यक्ष रेनू गुप्ता, विनोद यादव, राजू गुप्ता, आफताब, आद्या खरवार, दीप शाही, आफताब आलम, विनोद तिवारी, विनय तिवारी, कुंज बिहारी, निषाद आदि मौजूद रहे।