वहीं ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को अवगत कराया कि मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी पेट्रोल का उत्पाद शुल्क 9.20 रुपये प्रति लीटर था और डीजल 3.46 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 23.78 रुपये प्रति लीटर एवं डीजल पर 28.37 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है।
जबकि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल के भाव कम हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा यदि पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम सरकार वापस नहीं लेती है और इस वैश्विक महामारी कोरोना पर लॉकडाउन में जनता को राहत नहीं देती है तो हम उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की और शासन प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने के दौरान जितेंद्र पांडे, साहिल विक्रम तिवारी,फारूक अशरफ,डॉ राजेश यादव,राजीव पांडेय, घटोत्कच शुक्ला,जावेद अंसारी,दीपक कुमार, नूरानी, जाहिद, आरिफ, फिरोज अहमद, अनुराग राय, अब्दुल हुसैन, अनु सिंह आदि लोग रहे।