गोरखपुर में उपभोक्ता ने अगर 1912 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई तो उसके निस्तारण का जिम्मा क्षेत्र के अभियंता व लाइनमैन का होगा। ये निर्णय सोमवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने लिया है। मुख्य अभियंता कार्यालय स्थित सभागार में मेसर्स मोबिनिसर्य की ओर से अवर अभियंताओं, संविदा लाइनमैन, ऑपरेटर और अन्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई।
दरअसल बिजली शिकायतों को दर्ज कराने के लिए विद्युत विभाग ने पहले से ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर लांच किया था, लेकिन ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा था। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी। अब इसे नवीन प्रणाली के तहत संशोधन कर सुधार किया गया है। जहां पहले कॉल सेंटर से बिजली निगम के अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई शिकायतों पहुंचती थीं, जिसका निस्तारण करते थे।
अब ये जिम्मा संविदा लाइनमैन, उपकेंद्र ऑपरेटर और अन्य कर्मियों को दिया गया है। इस पर बिजली कटौती, मीटर गड़बड़ी, बिल या ट्रांसफार्मर में खराबी आदि की मौखिक शिकायत दर्ज कराई जाती है। बिजली कर्मचारी शिकायतों को दूर करने में काफी समय लगा देते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब आठ घंटे में समस्या का समाधान होगा।
इसके लिए विद्युत उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन, उपकेंद्र ऑपरेटर समेत अन्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही डेटा विभाग के पोर्टल पर फीड किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ता की शिकायत को तुरंत संबंधित लाइनमैन व जेई को मोबाइल फोन पर भेजा जा सके।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि टोल फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण अब अभियंता सीधे करेंगे। एजेंसी और अन्य तकनीकी कर्मियों के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें, तत्काल निस्तारित की जा सकेंगी।
1912 पर ऐसे दें सूचना
मौखिक रूप से उपभोक्ता इस पर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। इसके लिए उन्हें एकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर, नाम व पता की जानकारी संबंधित को देनी होगी। शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर विद्युत निगम कार्रवाई करेगा।