उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के डेयरी कॉलोनी स्थित गांधी शताब्दी इंटर कॉलेज में अव्यवस्था मिलने के बाद से डीआईओएस ने मामले की जांच के लिए प्रबंधक की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की है। वहीं प्रधानाचार्य के वेतन को रोकने के साथ ही कमेटी को जल्द से जल्द जांच पूरी कर पूरी रिपोर्ट देने को निर्देशित किया है। विभाग मामले को लेकर बेहद गंभीर है। जिला प्रशासन की ओर से भी मामले में डीआईओएस से जवाब तलब किया गया है।
एक दिन पूर्व ही औचक निरीक्षण के दौरान गांधी शताब्दी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं। बच्चों की सुरक्षा के लिए लाए गए थर्मल स्कैनर और हैंड सैनिटाइजर आलमारी में बंद रखे गए थे। जिसकी वजह से बच्चे बिना जांच के ही विद्यालय के अंदर प्रवेश करते नजर आए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईओएस ने बुधवार को ही प्रधानाचार्य का वेतन रोकने का निर्देश दिया था। जिसे गुरुवार को लागू कर दिया गया। वहीं मामले की जांच के लिए प्रबंधक की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की है। उधर, डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। डीआईओएस सबसे पहले आर्मी पब्लिक स्कूल पहुंचे और वहां शिक्षकों व छात्रों से कोविड-19 गाइड लाइन की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सेंट जोसेफ खोराबार, माध्यमिक विद्यालय माड़ापार, नीना थापा इंटर कालेज व एयरफोर्स स्कूल समेत आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण किया।
प्रधानाचार्य को दी चेतावनी
माड़ापार इंटर कालेज में थर्मल स्कैनिंग नहीं की जा रही थी। वहीं कुछ बच्चे और शिक्षक बिना मास्क के बैठे मिले। आईसोलेशन वार्ड भी नहीं बना था। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो अगले निरीक्षण में कार्रवाई की जाएगी। दोपहर एक बजे डीआईओएस अभय नंदन इंटर कॉलेज गए जहां हैंड सैनिटाइज कराने की व्यवस्था और मास्क अनिवार्यता को देख कर प्रधानाचार्य को शाबाशी दी।
इसके बाद मेडिकल रोड स्थित जनता इंटर कॉलेज पहुंचे। वहां स्कूल के सभी कमरों में ताला लटका मिला। डीआईओएस ने जब प्रिंसिपल को फोन मिलाया तो उन्होंने बताया कि स्कूल में पुण्यतिथि मनाई गई और उसके बाद सभी लोग अपने घर निकल गए।