कमिशनर जयंत नार्लीकर ने गीडा की कूलर और पंखा बनाने वाली फैक्ट्री को सामानों की आपूर्ति की मंजूरी दे दी है। अब कंपनी ने थोक और खुदरा विक्रेताओं को सामान देना शुरू कर दिया है।
कूलर और पंखा बनाने वाले फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक सनूप कुमार शाहू ने मंगलवार को बैठक के दौरान तैयार माल गोदाम में फंसने की बात रखी थी। कहा था कि गोदाम में पुराना स्टॉक भरा हुआ है। नया माल बनाने की जगह नहीं बची है।
वर्करों की मौजूदगी के बावजूद उत्पादन शुरू नहीं कर पा रहे हैं। इस बीच सैकड़ों आर्डर मिल चुके हैं। दो से तीन महीने का ही कारोबार है। अनुमति नहीं मिली तो लाखों का तैयार माल बर्बाद हो जाएगा। इसके बाद कमिश्नर ने तैयार सामान की आपूर्ति की अनुमति दे दी। सनूप साहू ने बताया कि बुधवार को आर्डर की पहली खेप परतावल भेजी गई। अभी कई और आर्डर हैं, जिनके लिए माल तैयार करना है।
पांच और फैक्ट्रियों को मिली उत्पादन की मंजूरी
बुधवार को भी गीडा प्रशासन ने पांच और फैक्ट्रियों को संचालित करने की अनुमति दी। गीडा के प्रबंधक (सिविल) संजय तिवारी ने बताया कि बुधवार को फैक्ट्रियों के संचालन को लेकर पांच व्यक्तिगत और वाहनों के लिए 11 पास जारी हुए।