प्रधानमंत्री आवास के पंजीकरण, आवंटन और किस्त की धनराशि मिलने तक कमीशनबाजी का ‘खेल’ चलता है। इसके करीब छह-छह मिनट के दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऑडियो सुनने के बाद लग रहा कि कमीशनबाजी का जाल जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय तक फैला है।
ऑडियो पिपराइच के नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र कुमार जायसवाल ‘पप्पू’, डूडा कार्यालय के कर्मचारी और सर्वेयर का बताया जा रहा है। अमर उजाला इन ऑडियों की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता, लेकिन इतना तय है कि वायरल ऑडियो का कनेक्शन गोरखपुर से है। यह ऑडियो कब का है? कौन किससे बात कर रहा? इसका पर्दाफाश पूरी जांच के बाद ही हो सकेगा। इसे आप पढ़िए और समझिए कि क्या चल रहा है।
हम वायरल ऑडियो में बातचीत का अंश ज्यों का त्यों दे रहे हैं-
अध्यक्ष- हैलो
सर्वेयर- हां सर।
अध्यक्ष- क्या हो रहा है?
सर्वेयर- कुछ नहीं, यहीं बैठे हैं, भइया हैं।
अध्यक्ष- कहां
सर्वेयर- राजेश जायसवाल जी के पास
अध्यक्ष- अच्छा-अच्छा। बांड़ें राजेश
सर्वेयर- हां
अध्यक्ष- बात करा दा, फिर सर्वेयर ने मोबाइल फोन राजेश को पकड़ा दिया।
राजेश- हां दादा
अध्यक्ष- हां, आ गइला
राजेश- तुरंतई अइली ह, इ लोगन बइठल रहना, हम कहली आवत हईं।
अध्यक्ष- नहीं नहीं ठीक बा। का भइल, बतइला नाई, आज केतना भइल है, कलेक्शन।
राजेश- इ लोगन त बोलत बांड़ें कुछ नहीं।
अध्यक्ष- काहे कुछ नहीं। बोलत त बाड़ें दुनो जनी, बात करइबा ( मोबाइल फोन राजेश के पास से सर्वेयर के हाथ में पहुंच गया।)
सर्वेयर- हां भैया।
अध्यक्ष- कितना हुआ है आज?
सर्वेयर- अनुज तो एक बजे आया है। हम दो नंबर में सुबह 8 बजे से ही काम कर रहे थे। अनुज पेपर देने गया था।
अध्यक्ष- कितना मिला है?
सर्वेयर- 12 मिला है।
अध्यक्ष- 10 तो वही तैयार करके रखा है, जो प्रदीप। वार्ड संख्या 8 वाला।
सर्वेयर- प्रदीप, आठ नंबर पुराना है।
अध्यक्ष- हमारे घर वाले मकान पर जो दुकान किया है, उसका 50 हजार रुपये आया था। 10 हजार रखवा दिया था।
सर्वेयर- सभासद का क्या नाम है?
अध्यक्ष - सभासद दिनेश नाम है।
सर्वेयर- दिनेश नाम है न।
अध्यक्ष - हमारे मकान में जिसका दुकान है। इसके अलावा गोपाल का भी है।
सर्वेयर- गोपाल मद्धेशिया, आपके वार्ड में।
अध्यक्ष- मद्धेशिया नहीं कुम्हार है। आपके घर के आगे है न। 10 हजार वो भी रखा है।
सर्वेयर- ठीक है। अभी जाते हैं।
अध्यक्ष- हमारे घर के पीछे भगवती से भी बात कर लेना, वो भी पैसा तैयार रखा है।
सर्वेयर- भगवती के घर गया था अनुज। एक घंटे तक बैठा भी था। पैसा नहीं देने को कह रहा है।
अध्यक्ष- नहीं-नहीं बोले हैं उनसे। कैसे नहीं कह रहा। बात कराना था मुझसे।
सर्वेयर- अनुज गया था उनके यहां।
अध्यक्ष- देखा सब, कहीं चीटिंग न होई, सब पता चल जाई वसूल लिहा।
सर्वेयर- अरे हम तो परेशान हो गए हैं। मन करता है छोड़ दें यह सब।
अध्यक्ष- सब पता चल जाई
सर्वेयर- सुबह से लगे हैं। पहले दो नंबर, फिर तीन नंबर से नौ नंबर में गए।
सर्वेयर- क्या हुआ, थर्ड डीपीआर पर बाबू ने हस्ताक्षर किए या नहीं?
अध्यक्ष- देख लेते हैं। एक पति-पत्नी ने फार्म भर दिया और उनका स्वीकार भी हो गया। इसकी जांच की जानी चाहिए। आप लोग ही घर-घर जाकर जांच कर लीजिए।
सर्वेयर- विचित्र गुप्ता तो सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहा है। बोल रहा है इन सबकी शिकायत करेंगे। कह रहा है वीडियो या रिकॉर्डिंग की व्यवस्था करेंगे और जांच कराएंगे। मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने की बात कह रहा है।
अध्यक्ष- मुख्यमंत्री से मिलना इतना आसान है क्या?
सर्वेयर- ये कह रहे थे सर, जो हो चुका है उसका हिस्सा लगाकर सब निपटा दीजिए। पता नहीं क्या हो रहा है सर। कोई डूडा में चला जाएगा तो वहां से सब बुला लेंगे। जांच होगी तो दिक्कत हो जाएगी।
अध्यक्ष- क्या वहां कोई पैसा नहीं लेता है क्या ?
सर्वेयर- हमारी कंपनी का जो ऑफिसर है, वो ले रहे हैं। तेज कुमार जो है डूडा का प्रोजेक्ट ऑफिसर वो नहीं ले रहा है उसकी कोई बात नहीं है। डूडा के तीन लोग और हम हैं।
अध्यक्ष- तेज कुमार भी लेते हैं क्या?
सर्वेयर- नहीं नहीं। तेज कुमार नहीं लेते हैं। उनके नीचे एक जेई है वो लेता है। नीरज राजपूत और अंजनी है वो सब लेते हैं।
अध्यक्ष- अंजनी जऊन मोटे से हैं, वो लेते हैं।
सर्वेयर- हां, एक जेई छोटे कद के हैं। चश्मा लगाते हैं। एक और हैं। हम हैं। कुछ लोग डूडा के परियोजना अधिकारी से शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
अध्यक्ष- कह देना, आरोप झूठे हैं। कुछ लोग चाय-पानी के लिए 100-50 रुपये देते हैं। कुछ नहीं होगा।
सर्वेयर- मैटर बढ़ जाएगा देख रहे हैं, फेसबुक पर जो चला है।
अध्यक्ष- रोज फेसबुक पर नहीं चलेगा न
सर्वेयर- कल, परसों हम नहीं आएंगे। कल जाएंगे डूडा। पीओ ने बुलाया है, फोन किया था। वहां जाना है।
अध्यक्ष- मोहल्ले का एक प्रदीप है, उससे भी पैसा मांगा गया था। जयनारायण यादव से भी पैसे की मांग हुई थी।
सर्वेयर- अच्छा, वो तो नहीं कह रहा था। बोल रहा था कि कुछ नहीं मिला।
अध्यक्ष- (कुछ गालीगलौज)