फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाणिज्य कर कार्यालय : प्राथमिकी जांच में नहीं मिले शार्ट सर्किट से आग लगने के साक्ष्य

विज्ञापन
राज्य कर विभाग कार्यालय में लगी आग से जला समान।अमर उजाला
विज्ञापन
- गोरखपुर महोत्सव में ड्यूटी के चलते नहीं पहुंच सके जांच टीम के अन्य अधिकारी
विज्ञापन

- जांच टीम ने वाणिज्य कर कार्यालय के एक अधिकारी को भी किया गया शामिल

- वाणिज्य कर कार्यालय में संदिग्ध हालात में लगी आग का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वाणिज्य कर कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग के मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा ने रविवार को मौके पर पहुंचकर अग्निकांड की जांच शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर महोत्सव में ड्यूटी लगाए जाने के कारण जांच टीम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सके। इसके चलते विद्युत सुरक्षा अधिकारी ने प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए टीम में वाणिज्य कर कार्यालय के एक अधिकारी को भी शामिल किया गया है, ताकि कार्यालय से जुड़े अभिलेखों और संरचना की तकनीकी जानकारी का समुचित आकलन किया जा सके।
विज्ञापन


आग की घटना में वाणिज्य कर कार्यालय के कुल सात खंड प्रभावित हुए हैं। इन खंडों में लंबे समय से संरक्षित लगभग 4500 फाइलें रखी गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, ये फाइलें अलग-अलग वर्षों की थीं और रिकॉर्ड के तौर पर कार्यालय में सुरक्षित रखी गई थीं। हालांकि राहत की बात यह है कि हाल के वर्षों में अधिकांश महत्वपूर्ण डाटा ऑनलाइन किया जा चुका था, जिससे राजस्व से जुड़े ताजा अभिलेखों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिन फाइलों को नुकसान पहुंचा है, वे मुख्य रूप से पुराने कर निर्धारण, निरीक्षण रिपोर्ट और पत्राचार से संबंधित थीं। आग लगने के बाद इन फाइलों के नष्ट होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर तत्काल असर पड़ने की आशंका कम जताई जा रही है। लेकिन पुराने मामलों के सत्यापन और संदर्भ के लिए आवश्यक दस्तावेजों के नष्ट होने से विभाग को प्रशासनिक स्तर पर परेशानी हो सकती है।
विद्युत सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद विद्युत वायरिंग, मीटर और उपकरणों की बारीकी से जांच की गई। शुरुआती निरीक्षण में किसी भी स्थान पर ओवरलोडिंग, जली हुई वायरिंग या फ्यूज उड़ने जैसे संकेत नहीं मिले हैं, जो शार्ट सर्किट की ओर इशारा करें। इसी आधार पर फिलहाल आग लगने का कारण शार्ट सर्किट मानने से इन्कार किया गया है। आग लगने की सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। घटना के समय कार्यालय बंद था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग किस तरह और किन परिस्थितियों में लगी, इसे लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही आग लगने के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। यदि आग लगने में किसी तरह की लापरवाही या साजिश की आशंका सामने आती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

ये कार्यालय जले
प्रशासनिक अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि द्वितीय तल पर स्थित एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 व 2, जॉइंट कमिश्नर रेंज ए व बी, एसआईबी रेंज, डिप्टी कमिश्नर, सेक्टर कार्यालय खंड 2, 3, 5 से 10 सहित सभी कार्यालय पूरी तरह से जल गए। आग इतनी भयावह थी कि लोहे की आलमारियां भी टेढ़ी हो गई थीं। वहीं उसमें रखे दस्तावेज काफी देर तक सुलगते रहे।

पांच सदस्यीय टीम कर रही जांच, तीन दिन में सौंपेगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वाणिज्य कर कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति तीन दिन के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नगर) अंजनी कुमार सिंह कर रहे हैं। समिति में क्षेत्राधिकारी कैंट, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर प्रशासन तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। टीम को आग लगने के कारणों, विभागीय लापरवाही, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और संभावित तकनीकी या अन्य कारणों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच समिति यह भी देखेगी कि आग लगने के समय कार्यालय में अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, विद्युत उपकरणों और वायरिंग की स्थिति कैसी थी। किसी स्तर पर मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई। साथ ही यह भी जांच के दायरे में होगा कि आग आकस्मिक थी या किसी अन्य कारण से लगी।
विज्ञापन


लखनऊ से पहुंची टीम, किया निरीक्षण
राज्य मुख्यालय से भी अधिकारियों की टीम गोरखपुर पहुंच गई है। लखनऊ से पहुंचे अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन सुनील वर्मा और संयुक्त आयुक्त श्रीहरि मिश्रा ने वाणिज्य कर कार्यालय के विभिन्न कक्षों और अभिलेखागार का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने एक-एक कार्यालय का बारीकी से अवलोकन किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। मुख्यालय से आई टीम ने आग से हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ यह भी जांचा कि किन-किन अभिलेखों को क्षति पहुंची है और कौन सा डाटा सुरक्षित है। अधिकारियों ने आग लगने की संभावित वजहों पर भी प्रारंभिक स्तर पर पड़ताल की और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें