संगोष्ठी में छात्रों की सहभागिता को बढ़ाने के लिए पहले नाथपंथ पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता, सांस्कृतिक संध्या और पोस्टर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर अलग-अलग कराई जाएगी। कुलपति ने बताया कि पोस्टर स्पर्धा में प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 20 मार्च को आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित कराया जाएगा।
विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ-साथ सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण-पत्र भी मिलेगा। प्रतियोगिता के दौरान तैयार किए गए पोस्टरों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 20 मार्च को नाथ पंथ को समर्पित सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। यह जिम्मेदारी ललित कला व संगीत विभाग को दी गई है।
नाथ पंथ साहित्य के संकलन व अनुवाद पर होगा छठा सत्र
कुलपति ने बताया कि संगोष्ठी में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर देश-विदेश के विद्वान मंथन करेंगे। इसके अलावा विश्व भर में उपलब्ध नाथपंथ के साहित्य के संकलन एवं अनुवाद के लिए छठे सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। इस सत्र के आयोजन की इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों कुलपति से मुलाकात के दौरान जताई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विशेष सत्र का खाका तैयार कर लिया है। इस सत्र में हिंदी और संस्कृत भाषा को छोड़कर अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं में उपलब्ध साहित्य के अध्ययन और उनके अनुवाद की संभावनाओं को तलाशने के साथ-साथ उन्हें पूरा करने की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाए जाएंगे।