दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग की ओर से तीन दिवसीय मेगा सेमिनार सह वेबिनार का शुभारंभ 10 दिसंबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में शाम चार बजे होगा। ‘पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीतियां और आगे का रास्ता’ विषयक सेमिनार का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने संगोष्ठी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का विषय पांच प्रमुख क्षेत्रों प्राथमिक क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र, सेवाक्षेत्र, सामाजिक क्षेत्र, जल क्षेत्र से संबंधित है। चार विशेष सत्रों की भी योजना बनाई गई है। प्रो. सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में प्रत्येक क्षेत्र से संबंधित नौ तकनीकी सत्र होंगे और कुल मिलाकर इस सेमिनार में 45 से अधिक तकनीकी सत्र आयोजित होंगे।
कुलपति ने कहा कि इस संगोष्ठी में महानिदेशक, सीएसआईआर और आईसीएआर के साथ देश भर के विश्वविद्यालयों के 12-15 कुलपति के साथ देश और दुनिया के विशेषज्ञ व शिक्षाविद् भी भाग लेंगे। प्रो.सिंह ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य पूर्वांचल की समस्याओं की पहचान करना है और इसके निवारण के लिए एक ठोस नीति कार्ययोजना का खाका तैयार करना है।
इन मुद्दों पर होगा मंथन
तकनीकी सत्रों में गन्ना, चीनी मिलों और औद्योगिक विकास, मत्स्यपालन, रेशम उद्योग और खादी ग्रामोद्योग, डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी, कृषि अनुसंधान और जैविक खेती, कृषि विकास, वन का विकास, पशुपालन जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। इसके साथ ही विनिर्माण, सेवा, सामाजिक क्षेत्र और जल क्षेत्र पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
विशेष सत्र भी होंगे
विशेष सत्र में विशेषज्ञ पूर्वांचल के औद्योगिक विकास पर मंथन करेंगे। इसके साथ विकास के लिए विशेष समूह और बैंकर्स मीट भी आयोजित की जाएगी। एक विशेष सत्र में पूर्वांचल के लिए विशेष पैकेज पर भी चर्चा होगी। संगोष्ठी ऑनलाइन सह ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित की जाएगी। कोविड-19 प्रोटोकॉल का भी पालन किया जाएगा।
प्रो.सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (योजना), विभागों के प्रधान सचिव भाग लेंगे। उद्घाटन सत्र के वक्ता मुख्य सचिव आर के तिवारी, अपर मुख्य सचिव योजना कुमार कमलेश, एमएसएमई और निर्यात संवर्धन विभाग के एसीएस नवनीत सहगल, सदर संसद रवि किशन शुक्ला और कमिश्नर जयंत नार्लीकर कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
11 और 12 दिसंबर को संगोष्ठी के वक्ता
- डॉ. केवी राजू, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार।
- मुकेश मेश्राम, एसीएस, पर्यटन और संस्कृति।
- अमित मोहन प्रसाद, एसीएस, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण।
- रेणुका कुमारी, एसीएस, बेसिक शिक्षा विभाग।
- वेंकटेश, प्रमुख सचिव, सिंचाई और जल संसाधन।
- डॉ. देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव, कृषि विभाग।
- प्रो. डीपी सिंह, चेयरमैन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग।
- प्रो.राकेश सिंह, प्रमुख जॉर्जिया खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग,
- अमेरिका फ्रैंक इस्लाम, एफआई इनवेस्टमेंट ग्रुप के अध्यक्ष और सीईओ।
- प्रो. अजय झा, कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी।
- डॉ.उमाशंकर सिंह, निदेशक, इंटरनेशनल पोटेटो सेन्टर ऑफ साउथ एशिया।
- प्रो. रामसिंह, फसल विज्ञान विभाग, इलिनोइस विश्वविद्यालय, अमेरिका।
- प्रो.राकेश भटनागर, कुलपति, बीएचयू।
- डॉ. आरके मित्तल, कुलपति, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।
- डॉ. बीपी मिश्रा, आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली।
- प्रो.संजय राय, अकादमिक मामलों के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मोंटगोमरी कॉलेज मैरीलैंड, अमेरिका।
- डॉ.पंजाब सिंह, पूर्वमहानिदेशक, आईसीएआर और सचिव डीएआरई, भारत सरकार।
- प्रो.रघुराम राजन, पूर्व गवर्नर आरबीआई, बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस, शिकागो विश्विद्यालय,अमेरिका।
- प्रो. रमेशचंद, सदस्य, नीति आयोग।
- डॉ. मंगलाराय, पूर्व महानिदेशक, आईसीएआर और सचिव डीएआरई, भारत सरकार।