मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून आ गया। अब और सतर्कता बरतने की जरूरत है। संबंधित विभाग पूरी तरह से मुस्तैद रहें, जहां पानी रुके, उसे निकालने के लिए तत्परता दिखाई जाए। किसी भी हाल में जलभराव नहीं होना चाहिए।
दो दिवसीय दौर पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मानसून की पहली बारिश में बुधवार को प्रभावित हुए क्षेत्रों की जानकारी ली। साथ ही कहा कि हर उस स्थान पर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां जलभराव की आशंका ज्यादा है। नालों की सफाई का ध्यान रखा जाए। इससे पहले नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि बारिश के कुछ देर बाद ही पानी निकल गया। देवरिया रोड की तरफ जो नाला बना है, वह जलभराव से निजात दिलाने में कारगर रहा है। नाले के जरिए पानी निकल गया। देवरिया बाईपास रोड पर निर्मित नाले से भी राहत मिली है। मेडिकल रोड व उसके आसपास के इलाकों से पंप लगाकर पानी निकलवाया गया है। कुछ स्थानों पर निर्माणाधीन नालों के बारे में भी जानकारी दी गई।
नगर आयुक्त ने बताया कि जलनिकासी को लेकर पूरी तैयारी की गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पंप सहित अन्य मशीनें भी तैयार हैं। पहली बारिश में लोगों को जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ा है। जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने भी नाला निर्माण व जलनिकासी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी है।
सचिव ने बताया कि शहर में जलभराव न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। बैठक में एडीजी जोन अखिल कुमार, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम कृष्णा करुणेश, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, गीडा सीईओ पवन अग्रवाल, जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।