अध्यापक गौरव राय ने कहा कि डीजे की तेज आवाज से हर किसी को परेशानी होती है। आए दिन किसी न किसी मोहल्ले में तेज आवाज में डीजे बजाया जाता है। इससे एक दो मोहल्ले नहीं, बल्कि हर किसी को राहत मिलेगी।
व्यापारी रविंद्रनाथ निषाद ने कहा कि डीजे की तेज आवाज से हर किसी को परेशानी होती है। प्रतिमाएं जब विसर्जन के लिए जाती हैं तो दिक्कत होती है। इसके अलावा जुलूस और शोभायात्रा में डीजे बजाया जाता है। इस पर रोक जरूरी है।
व्यापारी रज्जू तिवारी ने कहा कि डीजे बजाने के लिए गाइडलाइन जारी है, लेकिन पुलिस प्रशासन इसका पालन नहीं कराता है। सीएम के निर्देश पर उम्मीद जगी है कि अधिकारी इसे लेकर गंभीरता दिखाएंगे।
व्यापारी अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि कोई गली या मोहल्ला इससे अछूता नहीं है। कहीं पर डीजे बज रहा हो तो वहां से गुजरने में कलेजा कांप जाता है। जिन जगहों पर ज्यादा इस्तेमाल होता होगा वहां के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत है।