मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएए-एनआरसी के मामले में दो चीजें साफ करनी होंगी, एक शरणार्थी और दूसरी घुसपैठ। शरणार्थी मजबूर होकर देश छोड़ता है। नागरिकता कानून नागरिकता देने का कानून है लेने का नहीं। ये किसी मजहब का कानून नहीं है। एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना देश ने देखा है। कांग्रेस भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर वोट तो पाती रही, लेकिन पालन नहीं किया। उसने धारा 370 हटाने का भी विरोध किया है।
मुख्यमंत्री योगी ने यह बात शनिवार को अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण के लोकार्पण समारोह के दौरान पाठकों की ओर से पूछे गए सवाल में जवाब में कही। उनसे पूछा गया था कि सीएए-एनआरसी विरोध पर आप क्या सोचते हैं?
बता दें कि अमर उजाला बाबा गोरखनाथ की नगरी और मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि रहे गोरखपुर शहर की हर खबर को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण की इस नई पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहा और इसका लोकार्पण भी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी से पाठकों की ओर से कई सवाल किए गए थे, इनमें से एक सवाल सीएए-एनआरसी से जुड़ा भी रहा। अपने जवाब में सीएम योगी ने आगे कहा कि राम जन्मभूमि मामले में भी ऐसा हुआ।
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि रोजाना सुनवाई नहीं होनी चाहिए। क्यों, भारत की न्यायपालिका स्वतंत्र है, क्यों इस तरह की अर्जी से उसके काम में बाधा डाल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। 400-500 साल से रुका मामला सुलझ गया है।
लोग कहते थे यूपी में खून की नदियां बह जाएंगी, वैसा कुछ नहीं हुआ। तीन तलाक का भी कांग्रेस ने विरोध किया। मुझे कांग्रेस की सोच पर अफसोस होता है, ये हिंदू विरोधी है, सिख विरोधी है, दलित विरोधी है, पारसी विरोधी है, लेकिन अब साफ हुआ कि ये ईसाई विरोधी भी है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी जिसमें ईसाई भी शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस विरोध कर रही है।