उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में ढाई सालों के दौरान कोई दंगा नहीं हुआ। अपहरण जैसी वारदातें पूरी तरह खत्म हो गईं। पुलिस सुधार की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत थी, हम में थी और हमने किया। कई सालों से ये मांग थी, कोई नहीं कर पाया। 30 सालों में यूपी की कानून व्यवस्था सबसे बेहतरीन है।
दरअसल उनसे सवाल किया था कि यूपी में कानून व्यवस्था के संबंध में आपका क्या कहना है और क्या नोएडा-लखनऊ में कमिश्नर प्रणाली लागू करने से यहां बदलाव आएगा? सीएम योगी शनिवार को अमर उजाला के गोरखपुर के डिजिटल संस्करण के लोकार्पण समारोह में पहुंचे थे। यहां उनसे अमर उजाला के पाठकों ने फेसबुक लाइव के जरिए सवाल-जवाब किए।
पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा कोई भी व्यापारी अब गुंडा टैक्स नहीं देता है। राज्य रोल मॉडल के तौर पर स्थापित हुआ है। और सुधार की गुंजाइश है। इसीलिए लखनऊ और नोएडा में कमिश्नर प्रणाली लागू की है। मुझे लगता है कि बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे। 6 महीने बाद समीक्षा करेंगे और मैं जनता से पूछूंगा कि ये कैसा रहा। उसके बाद आगे का फैसला होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी पहला राज्य है कि अगर कोई जवान शहीद होता है तो हमने राज्य का मुआवजा का हिस्सा दोगुना किया। उसके परिवार के एक सदस्य को यूपी शासन में नौकरी देने की व्यवस्था की है। शहीद परिवार के गांव का नाम, तोरण द्वार उसने नाम पर होगा।
अगर पुलिस का जवान ड्यूटी के दौरान किसी घटना का शिकार होता है, शहीद होता है तो उसके परिवार को दी जाने वाली सहायता राशि कई गुना बढ़ाई है। अगर वह बुरी तरह घायल हुआ है या कोमा में गया है तो उसके परिवार को आजीवन पेंशन देने का फैसला हुआ है।
योगी ने कहा कि 85 हजार पुलिस की भर्ती कर दी गई है और हमारे पास कुछ भी लंबित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण क्षमता को दोगुना कर दिया गया है। अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हमने लिए और हमने अपने यहां से युवाओं को वहां भेजा।