सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश इंसेफेलाइटिस से प्रभावित रहा है। 2017 से पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इस मौसम में 500 से 600 मरीज भर्ती रहते थे। प्रति वर्ष पूरे प्रदेश में 1200 से 1500 बच्चों की मौत इससे होती थी। अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 500 से 600 बच्चों की मृत्यु इंसेफेलाइटिस से होती थी। लेकिन सरकार ठान ले और लोग साथ दें तो असाध्य कही जाने वाली बीमारी को भी समाप्त होने में बहुत समय नहीं लगता है। इंसेफेलाइटिस इसका उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर नियंत्रण पाने के साथ ही हमें पीएम मोदी के आह्वान पर वर्ष 2025 तक टीबी को भी पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए सभी जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाॅफ और आम नागरिक अपने आसपास टीबी से पीड़ित मरीज को गोद लेकर स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बनें।
कहा कि एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के मामले के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है। स्वच्छता के लिए विभिन्न कार्यक्रम और शुद्ध पेयजल के लिए हर घर नल की योजना संचालित की जा रही है। स्वच्छता के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छाजंलि कार्यक्रम चलाया गया। यह बापू के लिए सबसे बड़ी श्रद्धाजंलि थी, क्योंकि स्वच्छता उनका सबसे प्रिय विषय था।
सीएम ने कराया अन्नप्राशन, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को अन्नप्राशन कराया। उन्हें उपहार देकर खूब प्यार दुलार व आशीर्वाद दिया। इस मौके पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी पूरी की और उन्हें उपहार में पोषण किट प्रदान किया।
सीएम ने ली जानकारी, ब्लड रिपोर्ट समय से मिल रही या नहीं
सीएम ने मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर छह में बने डेंगू वार्ड का जायजा लिया। वार्ड में कुल 54 बेड हैं, जिसमें 16 पर डेंगू मरीज भर्ती हैं। बेड नंबर 18 पर भर्ती देवरिया जिले के बलडीहा परशुराम निवासी राहुल यादव से सीएम ने पूछा कि ब्लड रिपोर्ट सही समय पर मिल रही है कि नहीं। इसके बाद उन्होंने बेड नंबर 25 पर भर्ती बिहार प्रांत के गोपालगंज की गीता देवी, बेड नंबर 27 पर भर्ती बृजेश चौरसिया से उपलब्ध चिकित्सीय सेवाओं की जानकारी ली।