मुख्यमंत्री योगी ने बाबा गोरखनाथ मंदिर में भी माथा टेका
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तीन दिवसीय गोरखपुर महोत्सव का हर दिन अलग-अलग थीम पर होगा। साथ ही महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाग करने आ रहे कलाकारों की तुलना में स्थानीय कलाकारों को ज्यादा मौका मिलेगा।
11 से 13 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ राज्यपाल या केंद्रीय पर्यटन मंत्री कर सकते हैं जबकि समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। महोत्सव में कई राज्यों की संस्कृति और कला का भी समागम देखने को मिलेगा।
शनिवार को गोरखनाथ मंदिर सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव की तैयारियां जांची। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि हर दिन अलग-अलग थीम मसलन युवा, महिला के अलावा सरकारी योजनाओं प्रधानमंत्री आवास, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, कन्या सुमंगला आदि पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अधिक से अधिक मौका दिया जाए।
लोक कला व लोक संस्कृति का बढ़ावा देना ही महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है। बैठक में बताया गया कि महोत्सव में होने वाली शिल्प प्रदर्शनी में 12 राज्यों से शिल्पी आ रहे हैं। बैठक में कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजेयन्द्र पांडियन, जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर, नगर आयुक्त अंजनी सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।