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Gorakhpur News: मुख्यमंत्री ने किया बायो सीएनजी प्लांट का शिलान्यास, गोरखपुर को कूड़े से मिलेगी मुक्ति

Fri, 07 Apr 2023 09:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय चौहान ने बताया कि एक साल में कंपनी इस प्लांट को तैयार कर लेगी। इसके बाद शहर का कूड़ा वहां गिरने लगेगा। फिर बीयो सीएनजी के अलावा जैविक खाद बनाई जाने लगेगी। कंपनी इस बायो सीएनजी और जैविक खाद का व्यावसायिक इस्तेमाल करेगी। यानी इसे बाजार में बेचेगी और अपना खर्च निकालेगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहजनवां के सुथनी में गीले कूड़े से बायो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) बनने वाले प्लांट का लखनऊ से वर्चुअल शिलान्यास किया। 150 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट का निर्माण मुंबई की कंपनी एवरइन्वायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड करेगी। काम प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) माॅडल पर होगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने 35.14 करोड़ रुपये की लागत वाली 94 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।

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मुख्यमंत्री के शिलान्यास कार्यक्रम का नगर निगम के सदन हाल में सीधा प्रसारण किया गया। सुबह 11 बजे निवर्तमान महापौर सीताराम जायसवाल की मौजूदगी में सभी कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। नगर निगम और नगर पंचायतों में होने वाले कार्यों में सड़क, नाली के साथ ही मैटेरियल रिकवरी फेसेलिटी सेंटर, पानी की आपूर्ति आदि शामिल हैं।

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नगर पंचायत उरुवा में 40 लाख रुपये से ज्यादा लागत से पथ प्रकाश का भी कार्य शामिल है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, उप नगर आयुक्त संजय शुक्ल, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, निवर्तमान पार्षद जितेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।
 

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शहर को कूड़े से मिलेगी मुक्ति

इस प्लांट में शहर से निकलने वाले गीले कूड़े से बायो सीएनजी गैस के अलावा खाद भी तैयार होगी। नगर निगम की टीम शहर से निकलने वाले गीले कूड़े को प्लांट तक पहुंचाएगी। प्लांट में लगी मशीनों को जरिए कूड़े की छंटाई होगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार प्लांट में सीएनजी और खाद तैयार होगी। बायो सीएनजी प्लांट में रोजाना 200 टन गीले कचरे की जरूरत होगी। इस कचरे से रोजाना 1000 किलोग्राम बायो सीएनजी का उत्पादन होगा। साथ ही 40 टन जैविक खाद भी बनेगी। इससे महानगर से रोजाना निकलने वाले 350 टन में से ज्यादातर कूड़े का निस्तारण हो जाएगा।



नगर निगम को हरेक साल मिलेगी 56 लाख रुपये रॉयल्टी
इस प्लांट को लगाने से लेकर संचालन तक का पूरा खर्च मुंबई की कंपनी एवरइन्वायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को वहन करना है। यहां तक कि प्लांट में लगे कर्मचारियों को वेतन आदि भी कंपनी ही देगी। वहीं, नगर निगम को केवल जमीन उपलब्ध करानी है। इस जमीन के एवज में प्लांट संचालन करने वाली कंपनी प्रत्येक साल रायल्टी के रूप में नगर निगम को 56 लाख रुपये भी देगी। 15 साल के बाद कंपनी चलती हालत में नगर निगम को यह प्लांट सौंप देगी।

एक साल में प्लांट के शुरू हो जाने की संभावना
नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय चौहान ने बताया कि एक साल में कंपनी इस प्लांट को तैयार कर लेगी। इसके बाद शहर का कूड़ा वहां गिरने लगेगा। फिर बीयो सीएनजी के अलावा जैविक खाद बनाई जाने लगेगी। कंपनी इस बायो सीएनजी और जैविक खाद का व्यावसायिक इस्तेमाल करेगी। यानी इसे बाजार में बेचेगी और अपना खर्च निकालेगी। हालांकि नगर निगम को दोनों चीजें कुछ कम कीमत पर मिलेंगी। इंदौर में इसी कंपनी के द्वारा प्लांट लगाया गया है और इससे वह अपना पूरा खर्च निकालती है।

 
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