डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण करते सीएम योगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार इको टूरिज्म को बढ़ावा देगी। सरकार का ग्रामीण पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान है। वन और पर्यटन विभाग मिलकर इको व ग्रामीण पर्यटन को आगे बढ़ाएं। इस क्षेत्र में पर्यटकों को ज्यादा आकर्षित करना है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में वन विभाग की इको टूरिज्म पर बनी डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया। डॉक्यूमेंट्री फिल्म में गोरखपुर की प्राकृतिक सुंदरता दर्शायी गई है। इस पहल की मुख्यमंत्री ने सराहना की और कहा कि इस बार विश्व पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन और ग्रामीण विकास है। आबादी के लिहाज देश का सबसे बड़ा राज्य यूपी है। प्रदेश में धार्मिक के साथ ही इको टूरिज्म की बेहतर संभावनाएं बनी हैं। इसे बढ़ाकर रोजगार के अवसर को बढ़ाना है।
सीएम ने कहा कि गोरखपुर में प्राकृतिक झील रामगढ़ ताल इको टूरिज्म का आदर्श उदाहरण है। कुसम्ही जंगल व बुढ़िया माता मंदिर की पहचान भी इको टूरिज्म से है। महराजगंज का सोहगीबरवा, लहरादेवी स्थान व उसके आसपास के क्षेत्र को भी इको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। लखीमपुर खीरी में इको टूरिज्म की बड़ी संभावनाएं हैं। चंदौली में चंद्रप्रभा क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टूरिज्म का मतलब सिर्फ पिकनिक स्पॉट नहीं होता है। यह प्रकृति के नजदीक ले जाता है। पर्यटन से रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। पर्यटन ऐसा क्षेत्र हैं, जहां रोजगार की सबसे ज्यादा गुंजाइश रहती है।