190 दिनों बाद गोरखपुर शहर के चर्च एक बार फिर से गुलजार हो उठे। डायसिस ऑफ लखनऊ सहित सभी संस्था के चर्चों में प्रार्थना सभाएं आयोजित हुईं। जहां मसीही समाज के लोगों ने कोरोना से निजात के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही शासन की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया गया।
श्रद्धालुओं के चर्च पहुंचने का सिलसिला सुबह आठ बजे से शुरू हो गया। शासन की गाइडलाइन का चर्चों में सख्ती से पालन कराया गया। मास्क सभी के लिए अनिवार्य था। चर्च में प्रवेश करने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही सैनिटाइजर से हाथ साफ कराए गए। जूते-चप्पल चर्च के बाहर उतारने के बाद ही प्रवेश मिला।
चर्च के भीतर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए एक बेंच पर दो लोगों को बैठने की इजाजत थी। चर्च के पस्ट्रेटे कमेटी के सदस्य 190 दिनों तक बंद रहे चर्च के खुलने के बाद किसी तरह का सामूहिक आयोजन नहीं किया। कोरोना काल में जिस तरह पुरोहितों द्वारा फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रभु यीशु मसीह का संदेश दिया जाता रहा वही आगे भी बरकरार रहेगा।
इन चर्चों में हुई प्रार्थना सभाएं
वहीं सेंट जॉन चर्च बशारतपुर में रेव्ह रोशन लाल द्वारा पवित्र शास्त्र बाइबल का पाठ किया गया और प्रभु यीशु मसीह के आदर्शों पर चलने को प्रेरित किया गया। विशेष रूप से इस करोना काल में गुजरे हुए लोगों के लिए विशेष दुआएं की गई। इसके साथ ही इस वैश्विक महामारी से निजात के लिए सभी ने दुआएं की। सेंट जॉन चर्च हर रविवार सुबह 8:00 बजे के बाद शाम 5:00 बजे भी खुलेगा।
क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक, सेंट थॉमस चर्च धर्मपुर, एबीसी चर्च राप्तीनगर, फुल गोस्पेल चर्च मोती पोखरा, पीस चर्च मयूर विहार, सेंट एंथोनी चर्च धरमपुर, माउंट कार्मेल चर्च स्टैनपुर आदि चर्चो में वैश्विक महामारी के निजात के लिए और देश में अमन शांति के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई। सेंट जोसेफ महा गिरजाघर सिविल लाइन के पल्ली पुरोहित फादर ग्रेगरी द्वारा अपने श्रद्धालुओं को बताया गया की पूजा के लिए अलग-अलग समय दिया गया है उस समय पर पहुंचकर श्रद्धालु पूजा में भाग ले सकेंगे।