मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं।
सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं।
उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।
26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।
विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।