प्रवासी मजदूरों को मनरेगा से जोड़ने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब महिलाओं को उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय आजीवका विकास मिशन से जोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री जिले की 781 महिला समूहों के खातों में 5.88 करोड़ रुपये भेजने के साथ ही पूरे प्रदेश की महिला समूहों को आर्थिक मदद देंगे।
यही नहीं मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समूह की महिलाओं से संवाद कर उनका हौसला भी बढ़ाएंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिले की खोराबार ब्लाक से किरन, संगीता, चरगांवा से सविता रीता, भटहट ब्लाक से विंद्रावती व सरिता, खजनी से रंजना व माया, सरदारनगर ब्लाक से सविता व सीमा को मुख्यमंत्री से संवाद का मौका मिलेगा।
सात हजार महिलाओं को और रोजगार देने की तैयारी
इस दौरान सीडीओ हर्षिता माथुर, उपायुक्त स्वत: रोजगार अवधेश राम भी मौजूद रहेंगे। उपायुक्त ने बताया कि इस धनराशि से समूह से जुड़ी महिलाएं कामर्शियल सब्जी की खेती, टेलरिंग, अगरबत्ती, आचार, मसाला निर्माण, सोलर लैंप, दुकान खोल कर कोरोना संक्रमण काल में स्वयं को स्वरोजगार से जोड़ सकेंगी।
उन्होंने बताया कि 496 समूहों को प्रति समूह 1.10 लाख रुपये जबकि 285 समूहों को रिवाल्विंग फंड के तौर पर प्रति समूह 15 हजार दिए जाएंगे। इस धनराशि से इन समूहो से जुड़ी 7810 महिलाएं लाभांवित होंगी।
उपायुक्त स्वत: रोजगार अवधेश राम ने बताया कि मिशन द्वारा दूसरे प्रांतों से आ रहे प्रवासी कामगारों के परिवार की महिलाओं की काउंसिलिंग कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किसी कार्य विशेष में प्रशिक्षित हैं या नहीं। तकरीबन 7 हजार महिलाओं को चिन्हित किया गया है। ताकि उन्हें समूह से जोड़ कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।